पंचायती राज चुनाव से पहले सरकारी तंत्र से जानकारी जुटाने का आरोप, निर्वाचन आयोग से जांच की मांग
अलवर। पंचायती राज चुनाव से पहले संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाए जाने के मुद्दे पर नेता प्रतिपक्ष एवं अलवर ग्रामीण विधायक टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और राज्य सरकार पर सवाल उठाए हैं। जूली ने आरोप लगाया कि सरकारी अधिकारियों के माध्यम से यह जानकारी मांगी जा रही है कि जिला प्रमुख, प्रधान, जिला परिषद सदस्य और पंचायत समिति सदस्य के संभावित उम्मीदवार कौन हो सकते हैं।
जूली ने कहा कि अधिकारियों से पत्र जारी कर संभावित उम्मीदवारों का विवरण मांगे जाने की बात सामने आई है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह जानकारी किस उद्देश्य से जुटाई जा रही है और क्या ऐसा करना सरकारी कामकाज का हिस्सा है। उनके अनुसार, सरकारी मशीनरी का इस्तेमाल राजनीतिक गतिविधियों के लिए किया जाना गंभीर सवाल खड़े करता है।
संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने के उद्देश्य पर सवाल
नेता प्रतिपक्ष ने सरकार की मंशा पर सवाल उठाते हुए आशंका जताई कि संभावित उम्मीदवारों की सूची तैयार करने का इस्तेमाल उन्हें डराने-धमकाने या सरकारी कार्रवाई के दबाव में लाने के लिए किया जा सकता है। उन्होंने नोटिस देने, वसूली की कार्रवाई करने या मुकदमे दर्ज कराने जैसी संभावनाओं का भी उल्लेख किया।
जूली ने यह भी सवाल उठाया कि मुख्यमंत्री कार्यालय में कौन अधिकारी इस प्रकार के निर्देशों की पालना कराने में लगे हुए हैं। उन्होंने सरकार से संभावित उम्मीदवारों का विवरण जुटाने के उद्देश्य को स्पष्ट करने की मांग की।
नगर निकाय चुनाव के जनादेश को लेकर भी साधा निशाना
जूली ने हाल ही में हुए नगर निकाय चुनावों का उल्लेख करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने चुनावी नतीजों को अपने पक्ष में प्रस्तुत करने की कोशिश की। उन्होंने सरकारी विभागों के माध्यम से लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर दबाव बनाए जाने का आरोप भी लगाया।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि जनता की आवाज को दबाया नहीं जा सकता और पंचायती राज चुनाव में भी मतदाता अपने मताधिकार के जरिए जनादेश देंगे। उन्होंने दावा किया कि जनता किसी दबाव में आए बिना अपना निर्णय करेगी।
सरकारी मशीनरी के राजनीतिक इस्तेमाल पर रोक लगाने की मांग
टीकाराम जूली ने मुख्यमंत्री से सरकारी मशीनरी के कथित दुरुपयोग को रोकने की मांग की। उन्होंने कहा कि अधिकारियों और सरकारी संसाधनों का इस्तेमाल राजनीतिक लाभ के लिए नहीं होना चाहिए।
उन्होंने निर्वाचन आयोग से भी मामले की जांच कराने की मांग की। जूली ने कहा कि यह स्पष्ट होना चाहिए कि संभावित उम्मीदवारों की जानकारी किस उद्देश्य से मांगी जा रही है और क्या इसके पीछे किसी प्रकार का दबाव बनाने या लोगों को अपने पक्ष में करने की मंशा है।
सरकार से स्पष्टीकरण की मांग
जूली ने आरोप लगाया कि संभावित उम्मीदवारों की जानकारी जुटाने की प्रक्रिया को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने सरकार से इस संबंध में स्थिति स्पष्ट करने और निर्वाचन आयोग से पूरे मामले की पड़ताल कराने की मांग दोहराई।
यह आरोप नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली की ओर से लगाए गए हैं। संभावित उम्मीदवारों का विवरण जुटाने के उद्देश्य और इस संबंध में जारी निर्देशों की स्थिति पर सरकार अथवा संबंधित विभाग का पक्ष सामने आने पर मामले की तस्वीर और स्पष्ट हो सकेगी।
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