मुंबई। मुंबई के गोवंडी स्थित महानगरपालिका के ‘एम-पूर्व’ विभाग में ठेकेदार का बकाया बिल मंजूर करने की एवज में 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगने का मामला सामने आया है। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) ने इस मामले में बीएमसी के दो अधिकारियों और एक निजी व्यक्ति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई दर्ज की है।
किन पर दर्ज हुआ मामला?
एसीबी द्वारा दर्ज किए गए इस मामले में तीन आरोपियों के नाम शामिल हैं:
गणेश हनमंतराव चांदोलकर (सहायक अभियंता)
अविनाश दत्तात्रय दुधभाते (उपअभियंता)
विनीत खाड़े (निजी व्यक्ति)
क्या है पूरा मामला?
शिकायतकर्ता ने एम-पूर्व विभाग के तहत ‘पिंक आर्मी’ योजना और सार्वजनिक शौचालयों की साफ-सफाई का अनुबंध (कॉन्ट्रैक्ट) पर काम किया था। इसी काम का बकाया बिल पास कराने के एवज में संबंधित अधिकारियों द्वारा कथित तौर पर 3.50 लाख रुपये की रिश्वत मांगी गई थी।
शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था, इसलिए उसने 5 मई 2026 को मुंबई एसीबी में इसकी लिखित शिकायत दर्ज कराई। इसके अगले ही दिन यानी 6 मई को एसीबी ने शिकायत का सत्यापन (पुष्टि) किया। जांच के दौरान यह बात सामने आई कि सहायक अभियंता गणेश चांदोलकर ने अकेले 2 लाख रुपये की रिश्वत मांगी थी, जबकि उपअभियंता अविनाश दुधभाते और निजी व्यक्ति विनीत खाड़े की संलिप्तता की भी पुष्टि हुई। जांच के दौरान विनीत खाड़े ने रिश्वत की रकम लेने की सहमति दिखाई थी, हालांकि उस समय ट्रैप की कार्रवाई सफल नहीं हो सकी थी, जिसे एसीबी रिकॉर्ड में ‘ट्रैप खाली’ दर्ज किया गया था।
एसीबी की आगे की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसीबी ने 30 सितंबर को दोपहर 12:25 बजे अपराध क्रमांक 29/2026 के तहत भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 और 7(ए) के अंतर्गत मामला दर्ज कर लिया है।
इसके बाद आरोपियों के ठिकानों पर तलाशी, उनके वाहनों व कार्यालयों की जांच और मोबाइल फोन जब्त करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही, तीनों आरोपियों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भी जारी किए जा रहे हैं। यह पूरी कार्रवाई एसीबी के वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन और सहायक पुलिस आयुक्त प्रवीण पावले की देखरेख में पुलिस निरीक्षक रजनी उंबरकर के नेतृत्व में पूरी की गई है। एसीबी ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कोई भी सरकारी कर्मचारी रिश्वत की मांग करे, तो बिना डरे तुरंत भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो से संपर्क करें।


