जयपुर। राजस्थान में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के 20 नेताओं और कार्यकर्ताओं के खिलाफ एफआईआर दर्ज होने के बाद राज्य की राजनीति गर्मा गई है। आरएलपी सुप्रीमो और नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने इस कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला है और इसे राजनीतिक विरोध की आवाज दबाने का प्रयास करार दिया है।
प्रशासन से सहमति के बावजूद मुकदमों पर सवाल
हनुमान बेनीवाल ने सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि नरसिंहपुरा-बारानी क्षेत्र में प्रस्तावित कचरा निस्तारण प्लांट के विरोध में महापंचायत और जनसभा के बाद नागरिकों के साथ शांतिपूर्ण तरीके से जिला मुख्यालय की ओर कूच किया गया था। इस दौरान प्रशासन के साथ सकारात्मक वार्ता हुई और आपसी सहमति बनने के बाद आंदोलन को स्थगित कर दिया गया था। इसके बावजूद द्वेषता की भावना से कार्यकर्ताओं पर मुकदमे दर्ज करना पूरी तरह अनुचित है। उन्होंने सरकार से मांग की है कि इन झूठे मुकदमों को तत्काल वापस लिया जाए और जनता की आवाज दबाने के बजाय संवाद स्थापित किया जाए।
एफआईआर में सांसद बेनीवाल का नाम शामिल नहीं
इस पूरे घटनाक्रम में एक बड़ा पहलू यह है कि दर्ज की गई एफआईआर में राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हनुमान बेनीवाल का नाम नहीं है। पुलिस अधीक्षक हरिशंकर के अनुसार, पुलिस ने स्वयं टोल नाके पर बेनीवाल को रोककर संघर्ष समिति की मांगों पर चर्चा की थी, जिसके कारण उनके खिलाफ नामजद कार्रवाई नहीं की गई। हालांकि, हाईवे जाम होने की घटना के दौरान वे भी मौके पर मौजूद थे और बाद में प्रशासन के साथ बातचीत में शामिल रहे थे।
क्या है पूरा मामला और विरोध की वजह?
यह पूरा विवाद नरसिंहपुरा-बारानी क्षेत्र में प्रस्तावित ठोस कचरा प्रबंधन प्लांट को लेकर है, जिसके विरोध में स्थानीय ग्रामीण पिछले करीब पांच महीनों से आंदोलनरत हैं।
महापंचायत और कूच: इसी कड़ी में 30 सितंबर को क्षेत्र में एक बड़ी महापंचायत का आयोजन किया गया था, जिसमें सांसद हनुमान बेनीवाल भी शामिल हुए थे। महापंचायत के बाद ग्रामीणों ने श्रीगंगानगर कलेक्ट्रेट की ओर कूच करने का निर्णय लिया।
हाईवे पर प्रदर्शन: पुलिस के अनुसार करीब 100 वाहनों के काफिले को महियांवाली टोल नाके के पास रोका गया, जिसके बाद प्रदर्शनकारियों ने नेशनल हाईवे-62 पर धरना शुरू कर दिया। लगभग चार घंटे तक चले इस प्रदर्शन से यातायात पूरी तरह बाधित रहा और अंततः देर रात प्रशासन से वार्ता के बाद रास्ता सुचारू किया गया।
पुलिस की कार्रवाई: चूनावढ़ थाना पुलिस ने मौके पर की गई वीडियोग्राफी के आधार पर कचरा प्लांट हटाओ संघर्ष समिति से जुड़े राकेश ज्याणी, विजयपाल सिंह, पप्पूखां, सतेंद्र सिंह और सुनील सहित 20 नामजद और अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ रास्ता रोकने और अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।


