जयपुर। राजधानी जयपुर में ठगी के दो बड़े और चौंकाने वाले मामले सामने आए हैं, जिसमें एक तरफ अंतरराज्यीय गिरोह द्वारा प्रॉपर्टी व क्रिप्टो निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी का खुलासा हुआ है, वहीं दूसरी तरफ डिजिटल अरेस्ट के जरिए बुजुर्ग दंपती से बड़ी रकम ठगी गई है।
क्रिप्टो और प्रॉपर्टी निवेश के नाम पर 100 करोड़ की ठगी
जयपुर की सोडाला थाना पुलिस ने प्रॉपर्टी और क्रिप्टोकरेंसी (यूएसडीटी) में भारी मुनाफे का झांसा देकर लोगों से लगभग 100 करोड़ रुपये की ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है।
गिरफ्तारी और बरामदगी: पुलिस ने गिरोह के सरगना मोहित कालोया (27) और उसके सहयोगी घनश्याम कांदेल (35) को गुरुग्राम से गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से लग्जरी गाड़ी, महंगी बाइक और बैंक में जमा 1 करोड़ रुपये की एफडी को फ्रीज कराया गया है।
ठगी का तरीका: आरोपी 'ईजी वे होम्स' कंपनी चलाते थे और 'फिलन्टी आइओ' व 'फिलन्टी लाइव' नाम से फर्जी डिजिटल कॉइन वेबसाइट बनाकर निवेशकों को फंसाते थे। रकम ऐंठने के बाद वे वेबसाइट और कंपनी बंद कर फरार हो जाते थे।
विभिन्न थानों में मामले: परिवादी ऋषि मेहता की शिकायत पर सोडाला थाने में 5.55 करोड़ रुपये की ठगी का मामला खुला। इसके अलावा चित्रकूट थाने में 89 करोड़, चौमूं थाने में 1.17 करोड़ और साइबर क्राइम थाने में 87 लाख रुपये की धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। दोनों आरोपियों पर 2-2 हजार रुपये का इनाम घोषित था।
डिजिटल अरेस्ट कर बुजुर्ग दंपती से 2 करोड़ की ठगी
दूसरे मामले में साइबर ठगों ने खुद को पुलिस, एटीएस, एनआईए और आरबीआई का अधिकारी बताकर जयपुर के एक बुजुर्ग दंपती को 'डिजिटल अरेस्ट' कर लिया।
भय दिखाकर वसूली: आतंकवादियों से संबंध और बैंक खातों में संदिग्ध लेन-देन का डर दिखाकर ठगों ने दंपती से दो करोड़ रुपये से अधिक की रकम अपने खातों में ट्रांसफर करवा ली।
म्यूल खातों का खुलासा: जांच में सामने आया कि ठगी की रकम बीकानेर निवासी राजूराम उर्फ राजेश और रतना राम के बैंक खातों में पहुंची थी। राजूराम के खाते में आए 1.50 लाख और रतना राम के खाते से 24 सितंबर को निकाले गए 8.10 लाख रुपये सुनील नाम के व्यक्ति को दिए गए थे, जिसके बदले इन खाताधारकों को कमीशन के रूप में कुछ हजार रुपये मिले थे। पुलिस इस पूरे नेटवर्क की गहराई से जांच कर रही है।


