लखनऊ। उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव का सियासी पारा चढ़ चुका है, जहां समाजवादी पार्टी अपने उम्मीदवारों का पर्चा दाखिल कर चुकी है, वहीं भारतीय जनता पार्टी के खेमे में पत्ते खुलने का इंतजार बना हुआ है। इस बीच राजनीतिक गलियारों में प्रसिद्ध कवि कुमार विश्वास को पश्चिमी यूपी के समीकरण साधने के वास्ते उच्च सदन भेजने की चर्चा सबसे तेज है। इस रेस में उनके अलावा संजीव बालियान, सत्यपाल सिंह, सुरेश राणा और राजेंद्र अग्रवाल जैसे चार अन्य दिग्गज नेता भी शामिल हैं।
पश्चिमी यूपी के जातीय समीकरण और दिग्गजों की दावेदारी
क्षेत्रीय व जातीय संतुलन को साधने के लिए बीजेपी के संभावित पैनल में कई नाम चर्चा का केंद्र बने हुए हैं। राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के साथ गठबंधन के चलते पश्चिमी उत्तर प्रदेश में जाट मतदाताओं और नेताओं का महत्व काफी बढ़ गया है। इसी कड़ी में पूर्व केंद्रीय मंत्री और मुजफ्फरनगर के पूर्व सांसद डॉ. संजीव बालियान तथा बागपत के पूर्व सांसद डॉ. सत्यपाल सिंह का नाम प्रमुखता से लिया जा रहा है। इसके अलावा क्षत्रिय समाज के प्रतिनिधित्व के लिहाज से पूर्व मंत्री एवं पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष सुरेश राणा का नाम भी चर्चा में है। वहीं वैश्य समाज और मेरठ की राजनीति से लंबा ताल्लुक रखने वाले पूर्व सांसद राजेंद्र अग्रवाल भी इस दौड़ में शामिल हैं।
कुमार विश्वास के नाम पर टिकी सबकी निगाहें
संभावित उम्मीदवारों की सूची में कवि कुमार विश्वास का नाम सबसे ज्यादा सुर्खियां बटोर रहा है। हालांकि पिछली बार भी उनके नाम को लेकर कयास लगाए गए थे, लेकिन अंतिम सूची में जगह नहीं मिल पाई थी। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि यदि इस बार उनके नाम पर मुहर लगती है, तो यह पार्टी के पारंपरिक संगठनात्मक ढांचे से हटकर एक नया राजनीतिक और सार्वजनिक संदेश होगा। पार्टी जल्द ही अपने उम्मीदवारों के नामों का आधिकारिक ऐलान कर सकती है।


