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    Homeराज्यछत्तीसगढ़व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा बना आत्मनिर्भरता का आधार

    व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा बना आत्मनिर्भरता का आधार

    रायपुर :  कोरिया जिले के विकासखण्ड पोड़ी-बचरा अंतर्गत ग्राम बंजारीडांड़ निवासी अशोक कुमार पाण्डेय के जीवन में व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा प्राप्त होने के बाद सकारात्मक और स्थायी बदलाव आया है। वर्षों से जिस भूमि पर वे खेती करते आ रहे थे, उस पर कानूनी स्वामित्व मिलने से उनका परिवार आज सुरक्षित, खुशहाल और आत्मनिर्भर जीवन व्यतीत कर रहा है।

    अशोक कुमार पाण्डेय को शासन की योजना के अंतर्गत एक हेक्टेयर भूमि का व्यक्तिगत वन अधिकार मान्यता पत्र (पट्टा) प्रदान किया गया। इससे पहले यह भूमि वन विभाग के अभिलेखों में दर्ज होने के कारण उन्हें बेदखली की आशंका बनी रहती थी। वर्षों से काबिज होने के प्रमाण एवं आवश्यक दस्तावेजों के आधार पर राज्य सरकार द्वारा उन्हें यह पट्टा प्रदान किया गया, जिससे उनके भविष्य की चिंता दूर हो गई।
    पाण्डेय ने बताया कि वे लंबे समय से धान की खेती कर रहे हैं। पट्टा मिलने के बाद उन्होंने पूरी मेहनत और लगन से खेती को आगे बढ़ाया। वर्तमान में वे इस भूमि पर धान, गेहूं एवं उड़द की फसल लेते हैं। हालिया उत्पादन में उन्होंने लगभग धान 40 क्विंटल, गेहूं 15 क्विंटल तथा उड़द 5 क्विंटल की उपज प्राप्त की है, जिससे उनके परिवार की आय में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है।

    परिवार में उनकी पत्नी एवं दो बच्चे हैं, जो नियमित रूप से शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। आर्थिक स्थिति में सुधार आने से परिवार अब निश्चिंत होकर जीवन यापन कर रहा है। शासन की योजनाओं के अंतर्गत उन्होंने तालाब एवं ट्यूबवेल का निर्माण भी कराया है, जिससे सिंचाई की सुविधा बढ़ी और खेती-किसानी और अधिक सुदृढ़ हुई है।

    जिला आदिवासी विकास विभाग से प्राप्त जानकारी के अनुसार, अशोक कुमार पाण्डेय अब भूमिहीन किसान की श्रेणी से बाहर आ चुके हैं।आत्मनिर्भर बनने के कारण समाज में उनका सम्मान भी बढ़ा है। अशोक कुमार पाण्डेय ने व्यक्तिगत वन अधिकार पट्टा प्रदान किए जाने के लिए राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह योजना उनके जैसे अनेक परिवारों के जीवन में स्थायी परिवर्तन ला रही है।

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