More
    Homeधर्म-समाजपितृपक्ष में घर के आसपास दिखें ये 4 जीव, समझें पितरों का...

    पितृपक्ष में घर के आसपास दिखें ये 4 जीव, समझें पितरों का संकेत, भूलकर भी न करें अनदेखा

    भाद्रपद पूर्णिमा से शुरू हुआ पितृपक्ष सनातन धर्म में पूर्वजों के प्रति श्रद्धा व्यक्त करने का विशेष अवसर माना जाता है. इस दौरान तर्पण, पिंडदान और श्राद्ध के माध्यम से पितरों का स्मरण किया जाता है. धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, श्राद्ध पक्ष में पितृ विभिन्न रूपों में अपने वंशजों के बीच आकर आशीर्वाद देते हैं. मान्यता है कि इस अवधि में यदि चार जीव-जंतु घर या उसके आसपास अचानक दिखाई दें, तो उन्हें भगाना या नुकसान पहुंचाना उचित नहीं माना जाता. इनके आगमन को पितरों की प्रसन्नता और शुभ संकेत से जोड़कर देखा जाता है. ऐसी स्थिति में इन जीवों के लिए भोजन या जल की व्यवस्था करना पुण्यदायी माना गया है.

    गाय- सनातन परंपरा में गौ माता को देवी-देवताओं और पितरों का प्रतीक माना गया है. मान्यता है कि पितृपक्ष में यदि गाय घर के दरवाजे पर आ जाए, तो इसे पूर्वजों की कृपा का संकेत समझना चाहिए. ऐसे अवसर पर गाय को श्रद्धा से रोटी, गुड़ या घास खिलाएं. माना जाता है कि इससे पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होता है.
    कौवा- पितृपक्ष में कौवे को पूर्वजों का प्रतीक और संदेशवाहक माना गया है. धार्मिक मान्यता है कि कौवे को अन्न खिलाने से पितरों तक भोजन पहुंचता है. यदि इन दिनों कौवा घर की छत या आंगन में आए, तो उसे भगाने के बजाय श्रद्धापूर्वक भोजन कराएं. खीर-पूरी या पंचबली का अंश खिलाना शुभ माना जाता है. कौवे का भोजन ग्रहण करना पितरों की संतुष्टि का संकेत माना जाता है.

    कुत्ता- पितृपक्ष में कुत्ते को भोजन कराना धार्मिक दृष्टि से शुभ माना जाता है. मान्यता है कि कुत्ते का संबंध यमराज के अनुचरों और पितृ लोक से जुड़ा है. इस दौरान यदि कोई कुत्ता अचानक घर के द्वार पर पहुंच जाए, तो उसे भगाने के बजाय सम्मानपूर्वक भोजन कराएं. माना जाता है कि कुत्ते का इस तरह आना पूर्वजों की प्रसन्नता और उनकी संतुष्टि का संकेत है. श्रद्धा से भोजन कराने पर पितरों का आशीर्वाद प्राप्त होने की मान्यता है.

    चींटियां- पितृपक्ष के दौरान घर में अचानक काली या लाल चींटियों का झुंड नजर आए, तो इसे धार्मिक मान्यताओं में शुभ संकेत माना जाता है. ऐसी स्थिति में चींटियों को नुकसान पहुंचाने या भगाने के बजाय उनके लिए चीनी मिला आटा डालने की परंपरा है. मान्यता है कि इस उपाय से पितरों की कृपा बनी रहती है, पितृ दोष से राहत मिलती है और परिवार में सुख-शांति और समृद्धि का वास होता है.

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here