आगरा: पैतृक जमीन का अनुबंध करने के बावजूद उसकी तय कीमत न देने और पीड़ितों को लगातार धमकाने के गंभीर मामले में आखिरकार पुलिस ने प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। आगरा के माननीय न्यायालय के सख्त आदेश पर थाना ताजगंज में यह कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई है। इस पूरे मामले से आहत पीड़िता मिलन बंसल ने मंगलवार को एक प्रेसवार्ता आयोजित कर पुलिस प्रशासन से त्वरित कार्रवाई करने और न्याय दिलाए जाने की पुरजोर मांग की है।
कृष्णकांत गौतम और शशिकांत गौतम पर लगाए गए धोखाधड़ी के गंभीर आरोप
पीड़िता मिलन बंसल ने कृष्णकांत गौतम और शशिकांत गौतम के खिलाफ गंभीर धोखाधड़ी करने तथा जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। मिलन बंसल द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, इन दोनों व्यक्तियों ने उनकी एक-तिहाई पैतृक जमीन को खरीदने के लिए गत 7 मार्च 2022 को एक आधिकारिक अनुबंध किया था।
जालसाजी कर बैनामा कराने और पुलिस कार्रवाई न होने पर न्यायालय की शरण
आरोप है कि पूरी तरह जालसाजी और छलकपट का सहारा लेते हुए जमीन के आधे हिस्से का बैनामा 11 जुलाई 2022 और 26 मई 2023 को अपने नाम करा लिया गया। जब तय किए गए पैसे समय पर नहीं मिले और उल्टा उन्हें डराया-धमकाया जाने लगा, तब स्थानीय पुलिस स्तर पर कोई भी संतोषजनक कार्रवाई न होने के कारण पीड़िता को मजबूरन न्यायालय का दरवाजा खटखटाना पड़ा। इस मामले में मुकेश लवानियां और राहुल समेत कुछ अन्य लोगों पर भी इन बैनामों में गवाही देने और साजिश में शामिल होने के गंभीर आरोप लगाए गए हैं।


