नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने नई दिल्ली के यशोभूमि में आयोजित इंडिया मोबाइल कांग्रेस के दसवें संस्करण का भव्य उद्घाटन किया। प्रधानमंत्री सुबह लगभग दस बजे यशोभूमि पहुंचे, जहां केंद्रीय संचार मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने उनका स्वागत किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री ने सभागार में उपस्थित गणमान्य अतिथियों और तकनीक जगत के दिग्गजों को संबोधित किया। यह कार्यक्रम देश के दूरसंचार, डिजिटल कनेक्टिविटी और तकनीकी विकास को दुनिया के सामने प्रदर्शित करने का एक प्रमुख मंच साबित हो रहा है।
मोबाइल और इंटरनेट से सुदूर गांवों तक पहुंची गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि मोबाइल और इंटरनेट कनेक्टिविटी ने शिक्षा, डिजिटल भुगतान और स्वास्थ्य सेवाओं को बिना किसी रुकावट के लगातार आगे बढ़ाने में बड़ी मदद की है। आज स्थिति यह है कि देश के सुदूर गांवों और गरीब परिवारों के बच्चे भी गुणवत्तापूर्ण शिक्षा तक आसान पहुंच बना पा रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कोविड महामारी के दौरान वर्ष 2022 तक दीक्षा मंच पर पांच सौ करोड़ से अधिक सीखने के सत्र दर्ज किए गए थे। सरकार का यह निरंतर प्रयास है कि ऑनलाइन शिक्षा के सभी माध्यमों से देश के वंचित और गरीब वर्ग को जोड़ा जा सके।
भारत में मोबाइल निर्माण से आसान हुई लोगों की जिंदगी
प्रधानमंत्री ने देश के तकनीकी सफर को याद करते हुए कहा कि एक समय था जब भारत में डिजिटल उपकरण एक बड़ी चुनौती हुआ करते थे और आधुनिक तकनीक का लाभ केवल वही लोग उठा पाते थे जिनके पास साधन होते थे। सरकार ने इस स्थिति को पूरी तरह बदलने के लिए मोबाइल फोन को केंद्र में रखा और तकनीक को आम आदमी तक पहुंचाने पर विशेष जोर दिया। इसके साथ ही देश में मजबूत डिजिटल बुनियादी ढांचे का विस्तार किया गया और भारत में ही मोबाइल व अन्य दूरसंचार उपकरणों के निर्माण को बढ़ावा दिया गया। आज इसके सार्थक परिणाम सामने आ रहे हैं और इससे आम नागरिकों की जीवनशैली बेहद आसान हो गई है।
डेटा और फोन सस्ते होने के पीछे भारत का स्पष्ट फोकस
प्रधानमंत्री ने कहा कि आज भारत दूरसंचार क्षेत्र में जिस मुकाम पर पहुंचा है, उसमें इंडिया मोबाइल कांग्रेस की बहुत बड़ी भूमिका रही है। इस वर्ष सम्मेलन का मुख्य विषय ‘हर सीमा से परे जाकर विस्तार’ यानी 'स्केल विदाउट बाउंड्रीज' रखा गया है और भारत ने अपने अनुभवों के जरिए इस सोच को पूरी तरह जमीन पर उतारकर दिखाया है। पिछले दस-बारह वर्षों में मोबाइल संचार केवल बातचीत का माध्यम नहीं रहा, बल्कि यह सुशासन का एक सशक्त साधन बनकर उभरा है। उन्होंने कहा कि अक्सर डेटा और मोबाइल फोन सस्ते होने की चर्चा होती है, लेकिन इसके पीछे के भारत के प्रमुख फोकस क्षेत्रों को समझने से इस पूरी सफलता का अंदाजा लगाया जा सकता है।
देश सेवा के पच्चीस वर्ष पूरे होने पर जताया आभार
अपने संबोधन के दौरान प्रधानमंत्री ने एक भावनात्मक प्रसंग साझा करते हुए कहा कि कल देश की सेवा करते हुए उनके पच्चीस वर्ष पूरे हो चुके हैं और वह इस बात के लिए सभी देशवासियों का आभार व्यक्त करते हैं। यह एक सुखद संयोग है कि इसी दौरान इंडिया मोबाइल कांग्रेस के भी दस साल पूरे हुए हैं। उन्होंने इस बात पर गर्व जताया कि जीएसएमए बोर्ड की बैठक के लिए भारत को चुना गया है। इसके साथ ही उन्होंने दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया और उन्हें एक असाधारण कलाकार बताया जिन्होंने अपने अभिनय से दर्शकों के दिलों पर अमिट छाप छोड़ी।


