डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी ने रात में टीम के साथ किया निरीक्षण, लाइसेंस नहीं मिलने पर मौके पर ही बंद कराया ढाबा
किशनगढ़बास। खैरथल-किशनगढ़बास मार्ग पर बीती रात जिला विधिक सेवा प्राधिकरण (डीएलएसए) के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने टीम के साथ एक ढाबे का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ढाबे पर नॉनवेज परोसे जाने और ग्राहकों को शराब उपलब्ध कराए जाने की स्थिति सामने आई। संचालक से संबंधित लाइसेंस और दस्तावेज मांगे जाने पर लाइसेंस उपलब्ध नहीं होने की बात सामने आई। इसके बाद ढाबे को मौके पर ही बंद करा दिया गया।
रात में पहुंची न्यायिक टीम, मौके पर देखी स्थिति
डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी अपनी टीम के साथ खैरथल-किशनगढ़बास सड़क पर स्थित दिल्ली ढाबे पर रात्रिकालीन औचक निरीक्षण के लिए पहुंचे। निरीक्षण के दौरान ढाबे पर ग्राहकों को बैठाकर शराब उपलब्ध कराए जाने और नॉनवेज परोसे जाने की स्थिति देखी गई।
ढाबा संचालक विक्रम सिंह से लाइसेंस सहित ढाबे से संबंधित दस्तावेज मांगे गए। मौके पर लाइसेंस उपलब्ध नहीं होने की जानकारी सामने आने के बाद न्यायिक टीम ने कार्रवाई करते हुए ढाबा बंद करा दिया।
लाइसेंस नहीं मिलने पर मौके पर हुई कार्रवाई
औचक निरीक्षण के दौरान सामने आई स्थिति के बाद टीम ने मौके पर ही कार्रवाई की। ढाबा बंद कराए जाने से आसपास के क्षेत्र में भी इसकी चर्चा रही।
इस कार्रवाई के बाद मुख्य सड़क पर संचालित ऐसे ढाबों की व्यवस्था और वहां खाद्य सामग्री तथा शराब से जुड़े नियमों के पालन को लेकर सवाल उठने लगे हैं। खासतौर पर यह सवाल भी है कि ढाबे के संचालन से पहले संबंधित अनुमतियों और लाइसेंस की जांच किस स्तर पर हुई।
खाद्य और आबकारी व्यवस्था पर उठे सवाल
घटना के बाद खाद्य सुरक्षा, आबकारी और स्थानीय निकाय से जुड़े नियमों के पालन को लेकर भी सवाल खड़े हुए हैं। हालांकि इन विभागों की ओर से इस मामले में किसी लापरवाही के संबंध में आधिकारिक पक्ष सामने आना बाकी है।
रात के समय किए गए इस निरीक्षण ने यह जरूर सामने ला दिया कि मुख्य मार्गों पर संचालित ढाबों की नियमित जांच और नियमों के अनुपालन की निगरानी जरूरी है। आमजन की सुरक्षा और नियमों के पालन को लेकर समय-समय पर औचक निरीक्षण किए जाने की जरूरत भी सामने आई है।
आमजन के हित में रात्रिकालीन निरीक्षण
डीएलएसए सचिव अजीत कुड़ी ने बताया कि रात्रिकालीन निरीक्षण का उद्देश्य आमजन के हितों की रक्षा करना और नियमों का अनुपालन सुनिश्चित करना है। कार्रवाई के बाद क्षेत्र में यह संदेश गया कि नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर मौके पर कार्रवाई की जा सकती है।
इस मामले ने हाईवे और प्रमुख सड़कों पर संचालित ढाबों की निगरानी व्यवस्था को लेकर भी चर्चा छेड़ दी है। ऐसे प्रतिष्ठानों में खाद्य सुरक्षा, आवश्यक लाइसेंस और अन्य वैधानिक नियमों की नियमित जांच किए जाने की आवश्यकता है।
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