नई दिल्ली : सऊदी अरब की राजधानी रियाद स्थित रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे' को निशाना बनाकर किए गए भीषण हमले की भारत सरकार ने कड़े शब्दों में निंदा की है। भारत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि निर्दोष आम नागरिकों और महत्वपूर्ण नागरिक बुनियादी ढांचों पर इस प्रकार के हमले किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं हैं और इन्हें तुरंत रोका जाना चाहिए। इस कायराना हमले में 12 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है, जबकि 309 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल बताए जा रहे हैं। भारत ने इस मुश्किल और तनावपूर्ण घड़ी में सऊदी अरब की सरकार और वहां की जनता के साथ पूरी एकजुटता के साथ खड़े होने की बात कही है, साथ ही उम्मीद जताई है कि क्षेत्र में जल्द ही शांति और स्थिरता बहाल होगी। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब यमन के हूती समूह और सऊदी अरब के बीच हवाई अड्डों व अन्य अहम ठिकानों को लेकर सैन्य संघर्ष लगातार बढ़ता जा रहा है।
'नागरिक ठिकानों पर हमले पूरी तरह अस्वीकार्य' – भारत का कड़ा रुख
भारत के विदेश मंत्रालय (MEA) ने एक आधिकारिक बयान जारी कर रियाद के किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पिछले कुछ दिनों से हो रहे लगातार हमलों पर गहरी चिंता जताई है। मंत्रालय ने 10 अक्टूबर को हुए इस बड़े हमले का विशेष रूप से जिक्र करते हुए कहा कि इन हमलों में न केवल बेकसूर लोगों की जान गई है, बल्कि भारी संख्या में लोग घायल हुए हैं और संपत्तियों को भी भारी नुकसान पहुंचा है। विदेश मंत्रालय ने कड़े शब्दों में कहा है कि आम नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे को बार-बार निशाना बनाया जाना पूरी तरह से अस्वीकार्य है और इस प्रवृत्ति पर तुरंत रोक लगनी चाहिए। भारत ने इस हादसे में अपनी जान गंवाने वाले सभी मृतकों के शोक संतप्त परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की है और घायलों के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की है।
सऊदी अरब की संप्रभुता और सुरक्षा के साथ मजबूती से खड़ा है भारत
अपने इस आधिकारिक बयान में भारत ने सऊदी अरब की क्षेत्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा के प्रति अपने पूर्ण समर्थन को दोहराया है। विदेश मंत्रालय ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में सऊदी सरकार के साथ एकजुटता से खड़ा है। भारत को पूरी उम्मीद है कि कूटनीतिक प्रयासों के माध्यम से इस क्षेत्र में जल्द से जल्द शांति और सामान्य स्थिति बहाल हो सकेगी। विश्लेषकों का मानना है कि भारत का यह कड़ा कूटनीतिक बयान ऐसे समय में आया है जब सऊदी अरब और यमन के हूती विद्रोहियों के बीच सैन्य टकराव अपने चरम पर है और हवाई अड्डों जैसे संवेदनशील ठिकानों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय स्तर पर क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं।
हमले में 12 की मौत और 309 घायल, कई विदेशी नागरिक भी शामिल
सऊदी अरब के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण से प्राप्त आंकड़ों के मुताबिक, शनिवार दोपहर रियाद स्थित किंग खालिद अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर हुए इस सुनियोजित हमले में कुल 12 लोगों की जान चली गई, जबकि 309 लोग बुरी तरह घायल हो गए। मृतकों में सऊदी अरब के 4 स्थानीय नागरिक और 8 विभिन्न देशों के विदेशी निवासी शामिल हैं। विदेशी नागरिकों में बांग्लादेश के 2 लोग तथा अमेरिका, मिस्र, जॉर्डन, सीरिया, फिलिस्तीन और सूडान का एक-एक नागरिक शामिल है। स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सभी घायलों को तुरंत राजधानी के अलग-अलग अस्पतालों में भर्ती कराया गया है, जहां कुछ की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
सुरक्षा जांच के कारण हवाई अड्डे का संचालन कुछ समय के लिए स्थगित
इस घातक हमले के तुरंत बाद सऊदी नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने एहतियात के तौर पर हवाई अड्डे के संपूर्ण संचालन को कुछ समय के लिए रोक दिया था। अधिकारियों के अनुसार, यह आपातकालीन निर्णय हवाई अड्डे को पहुंचे नुकसान का सटीक आकलन करने और सुरक्षा से जुड़ी सभी अनिवार्य तकनीकी जांच को पूरी सावधानी से पूरा करने के लिए लिया गया था। हवाई अड्डे जैसे अत्यंत संवेदनशील और महत्वपूर्ण नागरिक ठिकाने पर इस तरह की घटना के बाद यात्रियों और कर्मचारियों की सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
'हवाई अड्डों और बंदरगाहों को संघर्ष से रखा जाए बाहर'
इस पूरे घटनाक्रम के बाद हूती समूह की ओर से भी एक बयान जारी किया गया है, जिसमें कहा गया है कि वे सऊदी अरब के साथ ऐसे किसी भी समझौते या बातचीत के लिए तैयार हैं, जिससे हवाई अड्डों, समुद्री बंदरगाहों और मानवीय सहायता से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण ठिकानों को बढ़ते सैन्य संघर्ष के दायरे से पूरी तरह बाहर रखा जा सके। हूती समूह का यह बयान ऐसे वक्त आया है जब दोनों पक्षों के बीच हमलों और जवाबी कार्रवाई का सिलसिला लगातार तेज होता जा रहा है। नागरिक सुविधाओं को युद्ध का अखाड़ा बनाए जाने से आम लोगों की सुरक्षा को लेकर गंभीर वैश्विक सवाल खड़े हो गए हैं।
यमन के हूती-नियंत्रित इलाकों पर सऊदी अरब के जवाबी हवाई हमले
दूसरी ओर, हूती समूह के नियंत्रण वाले 'अल-मसीरा टीवी' ने शनिवार को अपनी रिपोर्ट में यह दावा किया कि इसके जवाब में सऊदी अरब ने यमन के भीतर हूती-नियंत्रित क्षेत्रों पर तीव्र हवाई और मिसाइल हमलों की एक नई श्रृंखला शुरू कर दी है। रिपोर्ट के अनुसार, इन जवाबी हमलों में यमन की राजधानी सना के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे, सामरिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण 'बाब अल-मंदेब' जलडमरूमध्य के आसपास के क्षेत्रों और यमन के कई उत्तरी प्रांतों को प्रमुखता से निशाना बनाया गया है। हालांकि, इन जवाबी सैन्य कार्रवाइयों से हुए वास्तविक नुकसान का पूरा विवरण अभी सामने नहीं आया है। इस पूरे तनावपूर्ण घटनाक्रम के बीच भारत के कड़े संदेश ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि क्षेत्र में शांति बहाली के लिए नागरिकों और नागरिक बुनियादी ढांचे पर हो रहे हमलों का तुरंत बंद होना सबसे पहली आवश्यकता है।


