एसआईआर और कथित वोट चोरी को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन की तैयारी, टीकाराम जूली, जितेंद्र सिंह व संजना जाटव ने लगाए आरोप
अलवर। दिल्ली में 12 अक्टूबर को प्रस्तावित कांग्रेस के प्रदर्शन से पहले राजस्थान के कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर सवाल उठाए हैं। राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली, पूर्व केंद्रीय मंत्री एवं अलवर के पूर्व सांसद जितेंद्र सिंह और भरतपुर सांसद संजना जाटव ने अलग-अलग बयानों में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर), चुनाव प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं और प्रदर्शनकारियों को रोकने के आरोपों को लेकर अपनी बात रखी। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि पार्टी इन मुद्दों को लेकर दिल्ली में विरोध दर्ज कराएगी।
टीकाराम जूली बोले—प्रदर्शन में शामिल होंगे कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने कहा कि राहुल गांधी, मल्लिकार्जुन खड़गे और विपक्षी गठबंधन के आह्वान पर राजस्थान सहित देशभर से कांग्रेस कार्यकर्ता, सांसद और विधायक दिल्ली पहुंचेंगे। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों की आवाजाही रोकने के प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने के अधिकार पर सवाल खड़े होते हैं।
जूली ने एसआईआर के मुद्दे पर चुनाव आयोग से जवाब देने की मांग की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस को भाजपा प्रवक्ताओं के बजाय चुनाव आयोग से स्पष्टीकरण चाहिए, क्योंकि चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवालों पर आयोग को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए। उन्होंने कथित चुनावी अनियमितताओं को लेकर उठाए गए सवालों और उच्चतम न्यायालय की टिप्पणियों पर भी जवाब मांगा।
आवाजाही रोकने के आरोपों पर सरकार को घेरा
जूली ने दिल्ली में आवाजाही और प्रदर्शनकारियों को रोकने की व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि लोगों को परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार एक ओर आपातकाल का जिक्र करती है, जबकि दूसरी ओर विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे लोगों की आवाजाही पर रोक लगाने के आरोप सामने आ रहे हैं।
उन्होंने पिछले कुछ प्रदर्शनों का उल्लेख करते हुए प्रदर्शनकारियों के साथ दुर्व्यवहार, मारपीट और गिरफ्तारियों के आरोप भी लगाए। जूली ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता और जनप्रतिनिधि पीछे नहीं हटेंगे। उन्होंने अपने बयान में कहा, हम सब लोग जाएंगे, हम देखेंगे कितने लोगों को रोकेंगे। इनकी जेलें छोटी पड़ जाएंगी।
जितेंद्र सिंह ने सरकार की कार्यशैली पर उठाए सवाल
पूर्व केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने भी केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए देश में तानाशाही जैसा माहौल होने का आरोप लगाया। उन्होंने सरकार की कार्यशैली, सीमाओं पर आवाजाही रोकने की व्यवस्था और प्रदर्शनकारियों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर सवाल उठाए।
सिंह ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के साथ मारपीट की जा रही है और महिलाओं के साथ भी दुर्व्यवहार हो रहा है। उन्होंने सरकार को याद दिलाया कि जनप्रतिनिधि जनता के वोट से सत्ता तक पहुंचते हैं और जनता की आवाज को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित नहीं है, बल्कि जनता से जुड़े मुद्दों का आंदोलन है। सिंह के अनुसार, विपक्ष की विभिन्न राजनीतिक पार्टियां भी इन मुद्दों पर जनता के साथ खड़ी हैं।
हजारों लोगों के शामिल होने की जताई उम्मीद
जितेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ दिल्ली पहुंचेगी। उन्होंने प्रस्तावित कार्यक्रम में हजारों पार्टी कार्यकर्ताओं और आम लोगों के शामिल होने की उम्मीद जताई। साथ ही कार्यकर्ताओं से एकजुट होकर आंदोलन में भाग लेने का आह्वान किया।
सरकार और पुलिस के खिलाफ लगाए गए आरोप कांग्रेस नेताओं के बयान हैं। इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का जवाब सामने आने पर स्थिति के दूसरे पक्ष का भी आकलन किया जा सकेगा।
संजना जाटव ने उठाया कथित वोट चोरी का मुद्दा
भरतपुर सांसद संजना जाटव ने चुनावों में कथित वोट चोरी के आरोप लगाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी महाराष्ट्र और हरियाणा सहित विभिन्न राज्यों में चुनाव प्रक्रिया से जुड़े सवाल उठा रहे हैं और कांग्रेस इन मुद्दों को जनता के बीच ले जाना चाहती है।
संजना जाटव ने आरोप लगाया कि चुनाव प्रक्रिया को लेकर लोगों के मन में भ्रम और अविश्वास की स्थिति है। उन्होंने मुख्य चुनाव आयुक्त की भूमिका पर सवाल उठाते हुए कहा कि चुनाव आयोग को स्वतंत्र संस्था के रूप में अपनी जिम्मेदारी निभाते हुए उठाए गए सवालों का जवाब देना चाहिए।
लोकतंत्र और चुनाव प्रक्रिया पर बहस तेज
संजना जाटव ने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था और संविधान की रक्षा महत्वपूर्ण है तथा कांग्रेस इन मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी। उन्होंने कानून-व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठाए और कहा कि पार्टी चुनाव प्रक्रिया से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच रखेगी।
दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन से पहले तीनों कांग्रेस नेताओं के बयानों से केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विरोध प्रदर्शन के अधिकार को लेकर राजनीतिक बहस तेज हो गई है। कांग्रेस नेताओं ने एसआईआर और कथित वोट चोरी के आरोपों पर जवाब मांगा है, जबकि इन आरोपों की पुष्टि और संबंधित पक्षों की प्रतिक्रिया के आधार पर ही पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
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