अमरावती। महाराष्ट्र में अमरावती डिवीजन शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र के चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने कड़ा कदम उठाते हुए अनुशासनहीनता के आरोप में अपने चार नेताओं को छह साल के लिए पार्टी से निष्कासित कर दिया है। पार्टी द्वारा जिन नेताओं की प्राथमिक सदस्यता समाप्त की गई है, उनमें चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे, सुमित पवार और नितिन गुदधे शामिल हैं।
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महायुति गठबंधन के नियमों की अनदेखी पड़ी भारी
अमरावती शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र की यह सीट सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन के भीतर सहयोगी दल शिवसेना को आवंटित की गई थी। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना ने इस सीट से अपने आधिकारिक उम्मीदवार की घोषणा भी कर दी थी। इसके बावजूद, भाजपा के तीन पदाधिकारी—चंद्रशेखर भोयर, संगीता शिंदे और सुमित पवार—नामांकन वापस लेने की अंतिम तिथि समाप्त होने के बाद भी चुनावी मैदान में डटे रहे। पार्टी के इन बागी नेताओं के मैदान में बने रहने के कारण महायुति गठबंधन के आधिकारिक उम्मीदवार किरण सरनाईक के लिए मुश्किलें खड़ी हो गई हैं।
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नितिन गुदधे पर भी गिरी गाज
दूसरी ओर, भाजपा की अमरावती ग्रामीण इकाई के महासचिव नितिन गुदधे पर भी चुनाव के दौरान अनुशासनहीनता बरतने का आरोप लगा था। पार्टी ने उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा था, लेकिन उनका जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। इसके बाद पार्टी नेतृत्व ने कड़ा रुख अपनाते हुए उनकी भी प्राथमिक सदस्यता समाप्त कर दी और उन्हें छह साल के लिए बाहर का रास्ता दिखा दिया।
संगठन के सभी पद स्वतः समाप्त
भारतीय जनता पार्टी के अमरावती ग्रामीण जिला अध्यक्ष और विधायक प्रताप अडसड ने संबंधित नेताओं को आधिकारिक पत्र जारी कर इस निष्कासन के फैसले की जानकारी दी है। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पार्टी से निष्कासित किए जाने के बाद इन नेताओं के पास संगठन में मौजूद तमाम पद भी स्वतः समाप्त हो चुके हैं।


