इंदौर। वेस्टइंडीज के खिलाफ तीसरे टी-20 अंतरराष्ट्रीय मुकाबले में भारतीय गेंदबाजों की सटीक यॉर्कर, रिवर्स स्विंग और स्पष्ट रणनीति जीत का निर्णायक आधार बनी। प्लेयर ऑफ द मैच अर्शदीप सिंह ने सूखी गेंद से रिवर्स स्विंग मिलने को गेंदबाजी के लिए अनुकूल बताया, जबकि श्रेयस अय्यर ने कहा कि गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं को आत्मविश्वास के साथ लागू किया। नितीश कुमार रेड्डी ने खुलासा किया कि अंतिम ओवरों में भारतीय टीम ने विकेट लेने के बजाय रन रोकने की रणनीति अपनाई। वहीं, वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने स्वीकार किया कि भारतीय गेंदबाजों ने यॉर्कर का बेहतर इस्तेमाल किया। भारत ने यह मुकाबला 14 रन से जीतकर पांच मैचों की सीरीज में 2-1 की बढ़त बना ली।
:: रिवर्स स्विंग के साथ डेथ ओवरों में गेंदबाजी करना पसंद : अर्शदीप
अर्शदीप सिंह ने कहा कि गेंद सूखी रहने के कारण थोड़ी रिवर्स स्विंग मिल रही थी और डेथ ओवरों में इसका इस्तेमाल करना काफी मजेदार रहा। उन्होंने कहा कि आक्रामक बल्लेबाजों के सामने गेंदबाजी करना उन्हें पसंद है, क्योंकि इससे कौशल और मानसिक मजबूती परखने का अवसर मिलता है।
टीम के माहौल पर अर्शदीप ने कहा कि भारतीय टीम में कोई खुद को नेता या वरिष्ठ मानकर दूसरों से अलग नहीं रखता। खिलाड़ी खराब प्रदर्शन के बाद एक-दूसरे का हौसला बढ़ाते हैं और भरोसा दिलाते हैं कि अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अच्छे और बुरे दिन आते रहते हैं। उन्होंने बताया कि परिस्थितियों के अनुरूप ढलने के लिए अभ्यास में नई और पुरानी दोनों गेंदों से गेंदबाजी करना उनकी तैयारी का अहम हिस्सा है।
:: रन रोकने की रणनीति ने दिलाई सफलता : नितीश रेड्डी
नितीश कुमार रेड्डी ने कहा कि भारतीय गेंदबाजों ने अपनी योजनाओं पर भरोसा बनाए रखा और कप्तान के निर्देशों के अनुसार गेंदबाजी की। उन्होंने बताया कि जब वेस्टइंडीज को प्रति ओवर लगभग 14 रन चाहिए थे, तब टीम ने हर गेंद पर विकेट लेने की कोशिश करने के बजाय बल्लेबाजों को अधिकतम एक रन तक सीमित रखने की रणनीति बनाई।
रेड्डी ने कहा कि कभी-कभी रक्षात्मक रणनीति भी आक्रामक साबित होती है। उनके मुताबिक, बल्लेबाज के छक्का लगाने के बावजूद योजना से नहीं भटकना जरूरी था। उन्होंने भारत की बल्लेबाजी पर कहा कि टीम ने अच्छी शुरुआत की, लेकिन बीच में कुछ विकेट गिरने से बड़ा स्कोर बनाने की संभावनाएं प्रभावित हुईं। अंत में प्रिंस यादव के महत्वपूर्ण रन भी उपयोगी साबित हुए।
:: गेंदबाजों की स्पष्टता और अभिषेक की शुरुआत अहम : श्रेयस अय्यर
श्रेयस अय्यर ने कहा कि भारतीय गेंदबाज अपनी योजनाओं को लेकर पूरी तरह स्पष्ट थे और उन्होंने उन्हें प्रभावी ढंग से लागू किया। उनके मुताबिक, प्रत्येक गेंदबाज चुनौती के लिए तैयार था और दबाव की परिस्थितियों में भी उसने अपनी रणनीति पर भरोसा बनाए रखा।
अय्यर ने अभिषेक शर्मा की पावरप्ले में आक्रामक बल्लेबाजी और ईशान किशन के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि वेस्टइंडीज जैसी टीम को हल्के में नहीं लिया जा सकता। भारतीय टीम को अपनी प्रक्रिया और नियमित अभ्यास पर कायम रहते हुए आक्रामक क्रिकेट खेलना होगा। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि अच्छी शुरुआत के बावजूद पारी के दूसरे हिस्से में बल्लेबाजी को और बेहतर बनाने की जरूरत है।
:: भारतीय गेंदबाजों ने यॉर्कर से बेहतर प्रदर्शन किया : शाई होप
वेस्टइंडीज के कप्तान शाई होप ने कहा कि क्रिकेट में छोटे-छोटे अंतर मुकाबले का परिणाम तय करते हैं। उन्होंने माना कि उनकी टीम गेंदबाजी में कुछ मौकों पर बेहतर प्रदर्शन कर सकती थी और भारतीय बल्लेबाजों को अतिरिक्त रन बनाने के अवसर मिले। हालांकि, उन्होंने मुकाबले में वेस्टइंडीज की वापसी को सराहनीय बताया।
होप ने कहा कि मजबूत सलामी साझेदारी टीम के लिए जरूरी है। उन्होंने ओस नहीं पड़ने को भी अहम परिस्थिति बताया और कहा कि पारी के अंतिम हिस्से में गेंद अधिक स्विंग होने लगी थी। भारतीय गेंदबाजों की तारीफ करते हुए उन्होंने कहा कि उन्होंने शानदार यॉर्कर डालकर दिखाया कि दबाव में गेंदबाजी की योजनाओं को किस तरह सही तरीके से लागू किया जाता है।
भारत ने पहले बल्लेबाजी करते हुए 20 ओवर में 223 रन बनाए थे। अभिषेक शर्मा ने 30 गेंदों में 69 रन की विस्फोटक पारी खेली। जवाब में वेस्टइंडीज की टीम सात विकेट पर 209 रन ही बना सकी। अर्शदीप ने तीन और नमन धीर ने दो विकेट लिए। अंतिम ओवर में शमर स्प्रिंगर के तीन छक्कों और एक चौके के बावजूद वेस्टइंडीज लक्ष्य से 14 रन दूर रह गया।
अर्शदीप बोले- रिवर्स स्विंग और यॉर्कर से मिली जीत, श्रेयस ने गेंदबाजों की रणनीति को सराहा


