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    श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत माहौल में भगवान पार्श्वनाथ विधान एवं नवग्रह जाप अनुष्ठान प्रारंभ

    नवरात्रि में सूर्यमहल में आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य में हो रही अनुष्ठान आराधना

    भीलवाड़ा। श्री पार्श्वनाथ दिगम्बर जैन मंदिर ट्रस्ट, मैन सेक्टर शास्त्रीनगर के तत्वावधान में सकल दिगम्बर जैन समाज की ओर से भीलवाड़ा में पहली बार चातुर्मास कर रहे राष्ट्र संत मनोज्ञाचार्य पुलकसागरजी महाराज संसघ के सानिध्य में शास्त्रीनगर स्थित सूर्यमहल में नवरात्रि में भगवान पार्श्वनाथ विधान एवं नवग्रह जाप अनुष्ठान का आयोजन प्रारंभ हो गया है।

    श्रद्धा एवं भक्ति से ओतप्रोत माहौल में हो रहे इस आयोजन में श्रावक-श्राविकाएं अपने भाग्यांक, मूलांक या नामांक के आधार पर निर्धारित व्यवस्था के अनुसार अनुष्ठान में शामिल हो रहे है। सौभाग्य संवर्धक महोत्सव की पूर्णाहुति 20 अक्टूबर को विजयादशमी के दिन होगी।

    अनुष्ठान आयोजक श्री पुलकसागर चातुर्मास समिति के अध्यक्ष प्रवीण चौधरी ने बताया कि अनुष्ठान के तहत श्रावक श्राविकाओं ने श्री पार्श्वनाथ भगवान की आराधना की एवं आचार्यश्री के मंत्रोच्चार के बीच हवन में आहुतियां प्रदान की। आहुतियां दे रहे श्रावक श्राविकाएं सौधर्म इन्द्र व इन्द्राणी की विशेष वेशभूषा में थे। इसके माध्यम से सर्व मंगल एवं सुख शांति की कामना की गई।

    आचार्यश्री ने अनुष्ठान का महत्व बताते हुए कहा कि इसके माध्यम से नवरात्रि की साधना करते हुए हम अपने जीवन के कष्ट एवं बाधाओं को दूर करने के साथ जीवन में खुशहाली ला सकते है। भाग्यांक के आधार पर अनुष्ठान में बैठने वाले श्रावक श्राविकाओं को उनके ग्रह के रंगों के आधार पर वस्त्र प्रदान किए गए है।

    भीलवाड़ा में पहली बार हो रहे इस विशिष्ट आयोजन के लिए सूर्यमहल में आचार्य पुलकसागर महाराज के सानिध्य एवं मंत्रोच्चार के बीच सुबह 7 से 10 बजे तक अनुष्ठान हो रहा है। विधान एवं अनुष्ठान में भीलवाड़ा के सैकड़ो श्रावक-श्राविकाओं के साथ 100 से अधिक श्रावक श्राविकाएं देश के विभिन्न स्थानों से यहां पहुंच शामिल हुए है। अनुष्ठान पांडाल में 25 हवन कुंड बनाए गए है एवं एक कुंड पर चार-चार अनुष्ठानकर्ता आहुतियां दे रहे है।

    भाग्यांक व ग्रहों के आधार पर आचार्य के मंत्रोच्चारण के साथ हवन में आहुतियां प्रदान की जा रही है। विधान एवं अनुष्ठान में शामिल प्रत्येक श्रावक श्राविका को आचार्यश्री द्वारा अभिमंत्रित माला प्रदान की गई है।

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