More
    Homeराज्यछत्तीसगढ़छत्तीसगढ़: IGKV के छात्र आज करेंगे प्रदर्शन, पांच प्रमुख मांगों पर प्रशासन...

    छत्तीसगढ़: IGKV के छात्र आज करेंगे प्रदर्शन, पांच प्रमुख मांगों पर प्रशासन का ध्यान खींचने की तैयारी

    रायपुर| रायपुर स्थित इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय (IGKV) में छात्र-छात्राओं द्वारा एक विशाल महाआंदोलन की शुरुआत होने जा रही है। सुबह 9 बजे से ही विश्वविद्यालय के प्रशासनिक भवन के समक्ष विद्यार्थियों का जुटना प्रारंभ हो जाएगा। छात्र-छात्राओं ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि जब तक उनकी सभी जायज माँगे पूरी नहीं होतीं, तब तक यह विरोध प्रदर्शन अनवरत जारी रहेगा। यह आंदोलन पूरी तरह से शांतिपूर्ण ढंग से संचालित किया जाएगा, लेकिन विद्यार्थियों के भीतर व्याप्त आक्रोश साफ तौर पर देखा जा सकता है।

    छात्रों की प्रमुख माँगे और परीक्षा प्रणाली पर सवाल

    प्रदर्शनकारी विद्यार्थियों का कहना है कि विश्वविद्यालय में परीक्षाओं के आयोजन और परीक्षा परिणामों (रिजल्ट) घोषित करने की प्रक्रिया में लगातार भारी अनियमितताएँ सामने आ रही हैं, जिसके कारण उनका पूरा शैक्षणिक भविष्य अधर में लटक गया है। पिछले काफी समय से छात्र उत्तर पुस्तिकाओं (कॉपियों) के मूल्यांकन पर गंभीर सवाल खड़े कर रहे हैं। उनका यह भी आरोप है कि कॉपियों की जाँच में घोर लापरवाही बरती गई है, जिसकी वजह से कई प्रतिभाशाली और मेधावी छात्र भी अनुत्तीर्ण (फेल) हो गए हैं। यही वजह है कि वे उत्तर पुस्तिकाओं की निष्पक्ष और दोबारा से जाँच तथा संशोधित परिणाम जारी किए जाने की पुरजोर माँग कर रहे हैं।

    ईयर बैक व्यवस्था को समाप्त करने की माँग

    विद्यार्थियों की दूसरी सबसे बड़ी माँग 'ईयर बैक सिस्टम' को पूरी तरह से प्रभावहीन या समाप्त करने की है। छात्रों का तर्क है कि ईयर बैक लागू होने की वजह से उनका पूरा एक शैक्षणिक वर्ष बर्बाद हो जाता है और उनके मानसिक स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। वे चाहते हैं कि विश्वविद्यालय इस कठोर नियम को हटाकर छात्र हित में कोई वैकल्पिक और स्थायी नीति का निर्माण करे।

    पुनर्मूल्यांकन और शुल्क माफी का मुद्दा

    इसके अतिरिक्त, तीसरी प्रमुख माँग पुनर्मूल्यांकन (री-इवैल्यूएशन) से जुड़ी हुई है। छात्र चाहते हैं कि कम से कम 4 विषयों में पुनर्मूल्यांकन की प्रक्रिया को अनिवार्य किया जाए और इसके एवض में विश्वविद्यालय द्वारा वसूला जाने वाला भारी-भरकम शुल्क पूरी तरह से माफ किया जाए। उनका यह कहना है कि जब मूल्यांकन प्रणाली में ही संदेह की गुंजाइश है, तो री-चेकिंग के लिए छात्रों से अतिरिक्त धन क्यों वसूला जाना चाहिए?

    ग्रेस मार्क्स बढ़ाने और अन्य सुधारों की माँग

    इन तमाम मुद्दों के अलावा, विद्यार्थियों ने परीक्षा में मिलने वाले ग्रेस मार्क्स (कृपा अंक) की सीमा बढ़ाने की भी माँग प्रमुखता से रखी है, ताकि बहुत कम अंकों से फेल होने वाले छात्रों को आवश्यक राहत मिल सके। इसके साथ ही, सूचना के अधिकार (RTI) के अंतर्गत लागू किए गए 'बुक रेफरेंस' के नियम को भी तत्काल प्रभाव से खत्म किए जाने की माँग उठाई गई है।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here