भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व सहायक कोच अभिषेक नायर ने युवा सलामी बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी को लेकर टीम प्रबंधन के सामने एक खास सुझाव रखा है। उनका विचार है कि भारत को पहले वेस्टइंडीज के खिलाफ पाँच मैचों की टी20 श्रृंखला अपने नाम कर लेनी चाहिए और फिर अंतिम मुकाबले में 15 वर्षीय युवा वैभव को प्लेइंग इलेवन में आजमाना चाहिए। वर्तमान में श्रेयस अय्यर की कप्तानी में खेल रही भारतीय टीम इस सीरीज में 2-1 से आगे चल रही है और प्रतिष्ठित श्रृंखला पर कब्जा जमाने के लिए उसे केवल एक और जीत की दरकार है।
'पहले सीरीज पक्की करो, फिर आखिरी मैच में वैभव को खिलाओ'
अभिषेक नायर का मानना है कि यदि भारतीय टीम चौथा टी20 मुकाबला जीतकर श्रृंखला में 3-1 की अजेय बढ़त हासिल कर लेती है, तो टीम मैनेजमेंट को आखिरी मैच में युवा वैभव सूर्यवंशी को जरूर मौका देना चाहिए। इस युवा खिलाड़ी को अब तक इस मौजूदा सीरीज में मैदान पर उतरने का अवसर नहीं मिल सका है, क्योंकि टीम शीर्ष क्रम में अभिषेक शर्मा और संजू सैमसन पर ही लगातार भरोसा जता रही है।
एक खेल मंच पर बातचीत करते हुए नायर ने कहा, 'मैं तो यही चाहूँगा कि भारत पहले 3-1 की बढ़त बना ले और फिर अंतिम मैच में सूर्यवंशी को मौका मिले। इसे ज्यादा पेचीदा मत बनाइए। पहले 3-1 से सीरीज अपने नाम कीजिए और फिर आखिरी मैच में युवा खिलाड़ी को आजमाइए।' भारत ने इस श्रृंखला का पहला मैच 8 विकेट से जीता था, हालांकि दूसरे टी20 में उसे 6 विकेट से हार का सामना करना पड़ा था। इसके बाद तीसरे मुकाबले में शानदार वापसी करते हुए टीम ने 14 रनों से जीत दर्ज की। अब चौथा टी20 मुकाबला हैदराबाद में खेला जाएगा, जहाँ टीम की नजरें सीरीज जीतने पर टिकी होंगी।
अभिषेक शर्मा की शानदार वापसी और सूझबूझ
अभिषेक नायर ने युवा बल्लेबाज अभिषेक शर्मा की तकनीक और दबाव झेलने की क्षमता की भी जमकर सराहना की। शुरुआती दो मैचों में प्रभाव छोड़ने में असफल रहने वाले अभिषेक ने तीसरे टी20 में 69 रनों की मैच जिताऊ और आक्रामक पारी खेली, जिसमें छह चौके और पाँच छक्के शामिल थे। नायर ने वेस्टइंडीज के स्पिनर रोस्टन चेज के खिलाफ अभिषेक की बेहतरीन रणनीति को भी जीत का एक अहम कारण बताया। शुरुआती मुकाबलों में चेज ने अभिषेक को आउट किया था, लेकिन तीसरे मैच में भारतीय बल्लेबाज ने अपनी शानदार बल्लेबाजी से इसका माकूल जवाब दिया।
नायर के अनुसार, किसी बल्लेबाज द्वारा शुरुआती कुछ गेंदें खेलकर खुद को समय देना उसकी कमजोरी नहीं, बल्कि गेंदबाज की रणनीति को भली-भांति समझने का एक हुनर होता है। उन्होंने कहा, 'खुद को समय देना इस बात की तैयारी है कि आप गेंदबाज को कैसे चुनौती देंगे। हर गेंद के साथ आप उसकी चाल को समझते हैं। जब अभिषेक कुछ गेंदें खेल लेते हैं, तो गेंदबाज के मन में भी दबाव बनने लगता है कि अगली गेंद पर क्या रणनीति अपनाई जाए। यही खूबी अभिषेक शर्मा को एक खास बल्लेबाज बनाती है।'


