बिना वैध दस्तावेज खरीद-बिक्री की आशंका, करीब 12 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता
प्रदेश के 9 प्रतिष्ठानों पर वाणिज्यिक कर विभाग की कार्रवाई, 3.15 करोड़ रुपये की संभावित अनियमितताएं उजागर, सरकार ने जारी किया प्रेसनोट
अलवर, जयपुर । जीएसटी चोरी और कर अनियमितताओं के विरुद्ध वाणिज्यिक कर विभाग के विशेष जांच अभियान में अलवर की राहुल डेकोर और संबंधित फर्म निखिल फोम एंड फर्निशिंग भी जांच के दायरे में आई हैं। दोनों फर्मों में बिना वैध दस्तावेजों के खरीद-बिक्री की आशंका के आधार पर विभागीय अधिकारियों ने जांच की। इस दौरान प्रतिष्ठानों के भौतिक स्टॉक का सत्यापन किया गया और आवश्यक लेखा अभिलेखों की जांच की गई। प्रारंभिक आकलन में प्रकरण से जुड़ी करीब 12 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई है।
वाणिज्यिक कर विभाग ने 9 और 10 अक्टूबर को प्रदेश के जयपुर, अलवर, कोटा, हनुमानगढ़ और दौसा जिलों में कुल 9 व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर सर्वे, निरीक्षण और तलाशी की कार्रवाई की। विभाग के अनुसार, इन कार्रवाइयों में करीब 3 करोड़ 15 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितताएं सामने आईं। संबंधित करदाताओं ने जांच के दौरान लगभग 2 करोड़ 21 लाख रुपये स्वेच्छा से जमा कराए हैं।
खरीद-बिक्री के दस्तावेजों की जांच
अलवर में राहुल डेकोर और निखिल फोम एंड फर्निशिंग के यहां की गई कार्रवाई में विभाग ने स्टॉक का भौतिक सत्यापन करने के साथ उपलब्ध अभिलेखों की जांच की। विभागीय कार्रवाई का उद्देश्य वास्तविक कारोबार, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और कर संबंधी विवरणों का मिलान करना है। इस प्रकरण में करीब 12 लाख रुपये की संभावित कर राशि आंकी गई है। मामले में आगे की जांच और नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है।
कोटा के तेल उद्योग में 1.21 करोड़ रुपये जमा
कोटा स्थित रिद्धि सिद्धि ऑयल इंडस्ट्रीज में जांच के दौरान करमुक्त आपूर्ति के विरुद्ध इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) का लाभ लेने संबंधी अनियमितताएं सामने आईं। विभाग ने इस प्रकरण में करीब 1.60 करोड़ रुपये की संभावित कर राशि आंकी। जांच के दौरान संबंधित करदाता ने 1 करोड़ 21 लाख 38 हजार रुपये स्वेच्छा से जमा कराए।
जयपुर में कपड़ा, मिठाई और रेस्टोरेंट प्रतिष्ठानों की जांच
जयपुर के बगरू स्थित बगरू हस्तकला प्रिंटर्स में कपड़ों की बिक्री पर निर्धारित दर के स्थान पर सभी उत्पादों पर 5 प्रतिशत जीएसटी जमा कराने संबंधी अनियमितता सामने आई। भौतिक और पुस्तकीय स्टॉक में अंतर के आधार पर प्रतिष्ठान ने 13 लाख 17 हजार 74 रुपये जमा कराए। इस प्रकरण में करीब 15 लाख रुपये की संभावित कर राशि आंकी गई।सी-स्कीम स्थित गोपाल सिंह पतासी भंडार में कर देयता संबंधी अनियमितताओं की जांच में करीब 20 लाख रुपये की संभावित कर राशि सामने आई। प्रतिष्ठान ने 3 लाख 32 हजार रुपये जमा कराए। वहीं, बॉम्बे मिष्ठान भंडार में रेस्टोरेंट सेवाओं से संबंधित अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट के उपयोग की जांच की गई। वित्तीय वर्ष 2021-22 से संबंधित लेनदेन के परीक्षण में करीब 40 लाख रुपये की संभावित कर अनियमितता सामने आई। करदाता ने 25 लाख 4 हजार रुपये जमा कराए।
अलवर की दो ट्रांसपोर्ट कंपनियां भी जांच के दायरे में
अलवर में शबीर खान ट्रांसपोर्ट कंपनी और राजस्थान गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी के विरुद्ध भी कार्रवाई की गई। विभाग के अनुसार, परिवहन सेवाओं पर लागू 5 प्रतिशत कर दर अथवा करमुक्त आपूर्ति के मामलों में इनपुट टैक्स क्रेडिट के लाभ से संबंधित अनियमितताओं की जांच की गई। शबीर खान ट्रांसपोर्ट कंपनी ने 21.29 लाख रुपये और राजस्थान गोल्डन ट्रांसपोर्ट कंपनी ने 22.83 लाख रुपये जमा कराए।
हनुमानगढ़ और दौसा में भी कार्रवाई
हनुमानगढ़ जिले के नोहर स्थित श्री हरि स्वीट्स में वास्तविक कारोबार कम दर्शाने की आशंका के आधार पर जांच की गई। प्रारंभिक जांच में करीब 7.30 लाख रुपये की संभावित कर देयता सामने आई। प्रतिष्ठान ने मौके पर ही 7 लाख रुपये जमा कराए।
दौसा जिले के महुवा स्थित खंडेलवाल टेलीकॉम सेंटर पर कर देयता का भुगतान नहीं करने संबंधी प्रकरण में प्रतिष्ठान और संचालक के आवास पर तलाशी ली गई। विभागीय दल ने स्टॉक का सत्यापन कर संबंधित दस्तावेज जब्त किए। करदाता ने 7 लाख रुपये जमा कराए। वाणिज्यिक कर विभाग के अनुसार, जांच के दौरान सामने आई अनियमितताओं के संबंध में संबंधित करदाताओं से दस्तावेज और स्पष्टीकरण प्राप्त किए जा रहे हैं। कर विवरणियों, वास्तविक स्टॉक, खरीद-बिक्री के रिकॉर्ड और इनपुट टैक्स क्रेडिट का परीक्षण कर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
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