नांदेड़। महाराष्ट्र के नांदेड़ जिले में नवरात्रि के पावन अवसर पर मंदिर के दर्शन कर अपने घर लौट रहे तीर्थयात्रियों के साथ एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया, जहां केरोली घाट पर यात्रियों से भरा एक टेंपो अनियंत्रित होकर करीब 100 फीट गहरी खाई में जा गिरा। इस भयानक दुर्घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, यह हादसा शनिवार सुबह करीब पांच बजे के आसपास पेश आया, जिसके बाद पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई।
माहूर मंदिर से दर्शन कर यवतमाल लौट रहे थे सभी लोग
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, इस टेंपो में सवार सभी लोग महाराष्ट्र के यवतमाल जिले के रहने वाले थे और स्थानीय स्तर पर एक फर्नीचर की दुकान पर काम करते थे। ये सभी लोग नवरात्रि के विशेष अवसर पर माहुर स्थित प्रसिद्ध मंदिर में दर्शन करने गए थे और वहां से अपने घर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान जब उनका वाहन माहुर तहसील के केरोली घाट से गुजर रहा था, तब एक तीखे मोड़ पर यह दुखद हादसा हो गया।
हेडलाइट की तेज रोशनी और सुरक्षा दीवार न होने से हुआ हादसा
पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया है कि जब टेंपो घाट से नीचे उतर रहा था, तभी सामने की दिशा से एक अन्य वाहन तेज रफ्तार में गलत साइड से आया। उस वाहन की हेडलाइट की अत्यधिक तेज रोशनी से टेंपो चालक की आंखें चौंधिया गईं, जिससे उसे रास्ता ठीक से दिखाई नहीं दिया। सामने आ रही टक्कर से बचने के लिए चालक ने गाड़ी को जैसे ही मोड़ने की कोशिश की, तो घाट के उस तीखे मोड़ पर कोई मजबूत सुरक्षा दीवार या क्रैश बैरियर न होने के कारण टेंपो सीधा गहरी खाई में जा गिरा।
खाई में गिरने से हुई मौतें और घायलों का हाल
पुलिस ने बताया कि दुर्घटना के वक्त टेंपो के पिछले खुले मालवाहक हिस्से में बैठे बाबाराव ज्ञानोबा टेकाम (60), राहुल सुधाकरराव ठाकरे (25) और प्रीतम रामराव प्रधान (38) वाहन के पलटने के दौरान उछलकर बाहर जा गिरे। इनमें से राहुल ठाकरे और प्रीतम प्रधान की मौके पर ही सांसें थम गईं, जबकि बाबाराव टेकाम ने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। वहीं, केबिन में आगे बैठे टेंपो चालक प्रतीक अरविंद अडकिने (26), दत्ता मनोहर मेश्राम (35) और यशवंत अरविंद पाटिल (25) को मामूली चोटें आईं हैं, जिनकी हालत फिलहाल स्थिर बनी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से रस्सियों और क्रेन का इस्तेमाल कर खाई से टेंपो और शवों को बाहर निकाला।


