अंबिकापुर। छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग मुख्यालय अंबिकापुर से खाकी वर्दी को कलंकित कर देने वाला एक अत्यंत गंभीर और सनसनीखेज मामला सामने आया है। शहर के व्यस्ततम प्रतीक्षा बस स्टैंड परिसर में रविवार की शाम दो पुलिसकर्मी शराब के नशे में इस कदर धुत अवस्था में पाए गए कि उनके पास ही देश के सुरक्षा बलों द्वारा इस्तेमाल की जाने वाली घातक सरकारी 'इंससास' (INSAS) राइफल बिल्कुल लावारिस हालत में पड़ी हुई थी। सार्वजनिक स्थल पर इस तरह से हथियार को बेपरवाह छोड़ दिए जाने से न केवल महकमे की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े हो गए हैं, बल्कि आम जनता की सुरक्षा को लेकर भी भारी आशंका उत्पन्न हो गई है।
दुर्ग से कैदी छोड़ने आए थे पुलिसकर्मी और नशे में सुधबुध खो बैठे
प्राप्त जानकारी के अनुसार, लापरवाही का परिचय देने वाले ये दोनों पुलिसकर्मी दुर्ग जिले से संबद्ध बताए जा रहे हैं। इनमें सहायक उप-निरीक्षक (ASI) जीवन राम एक्का और एक अन्य आरक्षक शामिल थे, जो किसी सजायाफ्ता या विचाराधीन कैदी को सुरक्षित छोड़ने के लिए दुर्ग से अंबिकापुर आए थे। आधिकारिक ड्यूटी संपन्न करने के बाद दोनों ने कथित तौर पर मदिरापान किया और नशे में इस हद तक सुधबुध खो बैठे कि वे सार्वजनिक परिसर में ही बदहवास होकर गिर पड़े। उनके पास मौजूद अत्याधुनिक स्वचालित हथियार की सुरक्षा को लेकर भी उन्होंने पूरी तरह से लापरवाही बरती।
वरिष्ठ अधिकारियों तक पहुंचा मामला और जांच के आदेश
गनीमत यह रही कि समय रहते किसी अप्रिय घटना या असामाजिक तत्वों के हाथ हथियार लगने से पहले स्थानीय पुलिस बल को इसकी भनक लग गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुँची पुलिस टीम ने तुरंत लावारिस पड़ी सरकारी राइफल को अपने कब्जे में लिया और दोनों नशे में धुत कर्मियों को वहाँ से हटाया। एक संवेदनशील और घातक हथियार को इस प्रकार असुरक्षित छोड़ना सीधे तौर पर विभागीय नियमों का उल्लंघन और गंभीर कदाचार माना जा रहा है। इस शर्मनाक घटना की विस्तृत रिपोर्ट उच्चाधिकारियों को सौंप दी गई है, और पुलिस प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी इस पूरे मामले की गहनता से जाँच कर रहे हैं, जिसके उपरांत दोषी कर्मियों के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।


