मुंबई। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य की सत्ताधारी भारतीय जनता पार्टी पर गंभीर आरोप लगाते हुए राजनीतिक माहौल में हलचल पैदा कर दी है। पार्टी का आरोप है कि उसके वरिष्ठ नेताओं और पूर्व विधायकों पर भाजपा में शामिल होने के लिए लगातार अनुचित प्रशासनिक दबाव बनाया जा रहा है। कांग्रेस का दावा है कि बुलढाणा जिले की चिखली विधानसभा सीट से पूर्व विधायक रहे राहुल बोंद्रे को भी पाला बदलने के लिए विवश किया गया था, परंतु जब उन्होंने सत्ताधारी दल का रुख करने से साफ इंकार कर दिया, तो उनके शैक्षणिक संस्थानों को पुलिस नोटिस भेजकर निशाना बनाया जाने लगा। इस बीच, कांग्रेस सांसद एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने स्वयं बोंद्रे से फोन पर वार्ता कर उन्हें हर संभव समर्थन का आश्वासन दिया है।
राहुल गांधी का फोन और पार्टी का अडिग समर्थन
विपक्षी दल ने आधिकारिक बयानों के माध्यम से स्पष्ट किया कि राहुल गांधी द्वारा फोन पर दी गई हिम्मत और मार्गदर्शन के पश्चात पूर्व विधायक राहुल बोंद्रे ने भाजपा में शामिल होने का इरादा पूरी तरह छोड़ दिया। पार्टी नेतृत्व ने दोहराया कि वह चिखली के अपने पूर्व विधायक के साथ पूरी मजबूती से खड़ा है और अन्याय, दमन तथा प्रशासनिक उत्पीड़न की राजनीति के खिलाफ अपनी कानूनी व राजनीतिक लड़ाई जारी रखेगा। कांग्रेस का कहना है कि नोटिसों और मुकदमों के डर से उनके नेता न तो झुकेंगे और न ही अपने जनसेवा के संघर्ष को विराम देंगे।
वरिष्ठ नेताओं का आरोप और प्रशासनिक दबाव की राजनीति
कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं विजय वडेट्टीवार और यशोमति ठाकुर ने भी इस मुद्दे पर कड़ा एतराज व्यक्त करते हुए कहा कि विदर्भ क्षेत्र में विपक्षी नेताओं की घेराबंदी करने के लिए फर्जी मामलों का सहारा लिया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि शैक्षणिक संस्थानों पर पुलिसिया कार्रवाई का भय दिखाकर नेताओं की निष्ठा बदलने का कुत्सित प्रयास किया गया है। दूसरी ओर, पूर्व विधायक बोंद्रे ने सार्वजनिक रूप से संकल्प लिया है कि वे तमाम विपरीत परिस्थितियों और मुकदमों का सामना करते हुए कांग्रेस की विचारधारा और राहुल गांधी के नेतृत्व में अपनी राजनीतिक लड़ाई को जारी रखेंगे।


