More
    Homeदेशचोरबागान भगदड़ की जांच तेज, रिटायर्ड जज करेंगे पूरे मामले की पड़ताल

    चोरबागान भगदड़ की जांच तेज, रिटायर्ड जज करेंगे पूरे मामले की पड़ताल

    कोलकाता। पश्चिम बंगाल की राजधानी के चोरबागान दुर्गा पूजा पंडाल में हुए भीषण हादसे के मामले में कलकत्ता हाईकोर्ट ने राज्य सरकार को एक जांच आयोग गठित करने का कड़ा निर्देश दिया है। इस भयानक भगदड़ की घटना में 19 लोगों की मौत हो गई थी और 25 लोग घायल हुए थे। अदालत के आदेशानुसार, इस उच्चस्तरीय जांच आयोग की अध्यक्षता हाईकोर्ट के किसी सेवानिवृत्त न्यायाधीश द्वारा की जाएगी। वहीं दूसरी ओर, स्थानीय पुलिस उस संदिग्ध व्यक्ति की तलाश में जुटी हुई है जिसने पंडाल का ढांचा गिरने की झूठी अफवाह फैलाई थी।

    रिटायर्ड जज करेंगे जांच आयोग की अध्यक्षता

    कलकत्ता हाईकोर्ट ने मंगलवार को पश्चिम बंगाल प्रशासन को स्पष्ट निर्देश दिए कि चोरबागान भगदड़ मामले की निष्पक्ष जांच के लिए अदालत के किसी रिटायर्ड जज की अगुवाई में आयोग बनाया जाए। बीते 17 अक्टूबर को दुर्गा पूजा उत्सव के दौरान हुए इस हृदयविदारक हादसे में 19 मासूमों की जान चली गई थी। मुख्य न्यायाधीश रवींद्र वी. घुगे की अगुवाई वाली खंडपीठ ने यह भी साफ किया कि शीर्ष अदालत के दिशा-निर्देशों के अनुसार किसी भी मौजूदा न्यायाधीश को इस आयोग का प्रमुख नहीं बनाया जा सकता है। उल्लेखनीय है कि राज्य सरकार ने मौजूदा जज से जांच कराने का अनुरोध किया था, जिसे अदालत ने खारिज कर दिया।

    हादसे के कारणों और दोषियों की होगी तलाश

    अदालत ने कहा कि यह नवगठित आयोग इस बात की गहराई से छानबीन करेगा कि आखिर इस त्रासद घटना के मूल कारण क्या थे और इसके लिए कौन लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से जिम्मेदार हैं। आयोग का मुख्य उद्देश्य यह स्पष्ट करना होगा कि उत्सव स्थल पर हालात अचानक कैसे बेकाबू हुए और सुरक्षा व्यवस्था में कहां चूक हुई थी। इससे पहले इस मुद्दे पर राजनीतिक हलकों में भी विभिन्न प्रतिक्रियाएं सामने आई थीं, जिसके बाद अदालत ने इस जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अहम फैसला सुनाया है।

    अफवाह फैलाने वाले शख्स की सरगर्मी से तलाश

    इस बीच, कोलकाता पुलिस उस व्यक्ति की पहचान करने में जुटी है जिसने भीड़ के बीच यह झूठी और सनसनीखेज अफवाह फैलाई थी कि चोरबागान पूजा पंडाल का एक हिस्सा ढह रहा है। पुलिस का मानना है कि इसी एक अफवाह की वजह से वहां मौजूद हजारों श्रद्धालुओं में अचानक भगदड़ मच गई। घटना के इतने दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को ऐसा कोई ठोस प्रमाण नहीं मिला है जिससे पंडाल गिरने की बात साबित होती हो। उत्तरी कोलकाता के इस पंडाल में शनिवार शाम को यह दुर्घटना घटी थी।

    सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है पुलिस टीम

    घटना के सटीक क्रम और कारणों को समझने के लिए पुलिस इलाके में लगे लगभग 30 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज बारीकी से खंगाल रही है, जिनमें से 13 कैमरे ठीक उसी क्षेत्र के हैं जहां यह भगदड़ हुई थी। शुरुआती तकनीकी विश्लेषण में यह बात सामने आई है कि तेज बारिश के कारण निकास द्वार पर भारी भीड़ जमा हो गई थी और रास्ता बाधित हो गया था, जबकि अंदर प्रवेश करने का मार्ग खुला हुआ था। पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि जब बाहर निकलने का रास्ता बंद हो चुका था, तब भी लोगों को अंदर आने की अनुमति क्यों दी जा रही थी ताकि इस पूरी त्रासदी की सच्चाई सामने आ सके।

    latest articles

    explore more

    LEAVE A REPLY

    Please enter your comment!
    Please enter your name here