होप सर्कस पर उमड़ी आवाज, भगवान श्रीराम से सरकार को सद्बुद्धि देने की सामूहिक प्रार्थना
अलवर। दशहरा पर्व के अवसर पर निकाली गई भव्य शोभायात्रा के दौरान नीलगायों की प्राण रक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। जिला पुरुषार्थी समाज की ओर से शहर में निकाली गई शोभायात्रा के दौरान होप सर्कस परिसर में परशुराम कला मंदिर समिति के तत्वावधान में नीलगायों की हत्या से संबंधित कानून को वापस लेने की मांग की गई। इस दौरान समिति और पुरुषार्थी समाज के सैकड़ों लोगों ने नारे लिखी तख्तियों और बैनरों के माध्यम से अपनी आवाज बुलंद की।
शोभायात्रा में नीलगायों की रक्षा के लिए उठी आवाज
शोभायात्रा की अगुवानी के दौरान परशुराम कला मंदिर समिति और पुरुषार्थी समाज के लोगों ने नीलगायों की प्राण रक्षा के समर्थन में प्रदर्शन किया। लोगों ने ‘नीलगाय हत्या कानून वापस लो’ लिखी तख्तियां और बैनर लेकर सरकार से इस मुद्दे पर कार्रवाई करने की मांग की।
इस अवसर पर भगवान श्रीराम से सत्ताधीशों को सद्बुद्धि देने और नीलगायों की रक्षा के लिए उचित निर्णय लेने की सामूहिक प्रार्थना भी की गई।
वर्षों से चल रहे आंदोलन का उठाया मुद्दा
परशुराम कला मंदिर समिति के संयोजक अशोक आहूजा और मंत्री मोहित पंडित ने उपस्थित लोगों को नीलगायों की प्राण रक्षा के लिए वर्षों से चल रहे जन आंदोलन के बारे में जानकारी दी। उन्होंने भारी जनविरोध के बावजूद राजस्थान में नीलगायों की हत्या से संबंधित कानून वापस नहीं लिए जाने पर पीड़ा व्यक्त की।
समिति पदाधिकारियों ने कहा कि नीलगायों की रक्षा का विषय भारतीय संस्कृति और सनातन धर्म की मान्यताओं से जुड़ा हुआ है। उन्होंने सरकार से इस दिशा में संवेदनशीलता दिखाते हुए नीलगायों को जीवनदान देने की मांग की।
सनातन संस्कृति के सम्मान की अपील
कार्यक्रम के दौरान लोगों ने सरकार से नीलगायों की प्राण रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने का आग्रह किया। वक्ताओं ने कहा कि वन्यजीवों के संरक्षण और उनके प्रति संवेदनशीलता का भाव समाज में मजबूत होना चाहिए।
दशहरा पर्व पर आयोजित शोभायात्रा के दौरान धार्मिक आस्था के साथ वन्यजीव संरक्षण का मुद्दा उठने से यह विषय चर्चा में रहा।
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