झाबुआ। मध्य प्रदेश के झाबुआ जिले में विजयदशमी के पावन पर्व के दिन एक बेहद दर्दनाक और हृदयविदारक हादसा सामने आया है, जहां एक खुले कुएं में डूबने से नौ से दस वर्ष की आयु के तीन मासूम बच्चों की मौत हो गई। इस त्रासद घटना के बाद से पूरे क्षेत्र में खुशियों का माहौल मातम में बदल गया है और पीड़ित परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है।
दशहरे की खुशियों के बीच छाया मातम
यह दुखद दुर्घटना झाबुआ जिले के रानापुर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली चुई ग्राम पंचायत के पटेल फालिया में घटी। मंगलवार को जहां एक तरफ पूरा देश विजयदशमी का पर्व मना रहा था, वहीं इस गांव में मातम पसर गया। हादसे का शिकार हुए तीनों बच्चे इसी फालिया के निवासी थे, जिनकी पहचान विवेक (पुत्र महेश राठौड़), मयंक (पुत्र शैलेश चौहान) और विजय (पुत्र बाबू चंगोड) के रूप में हुई है। घटनास्थल पर बने कुएं के चारों ओर सुरक्षा के लिए कोई मुंडेर नहीं बनी हुई थी, जिसके चलते यह बड़ा हादसा हो गया।
प्रशासन की मौजूदगी और रेस्क्यू ऑपरेशन
घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत जिला प्रशासन और पुलिस को सूचित किया। उस समय प्रशासनिक अमला शहर में आयोजित रावण दहन कार्यक्रम में व्यस्त था, लेकिन सूचना मिलते ही प्रभारी तहसीलदार राजेंद्र चौहान पुलिस तथा राजस्व विभाग की टीम के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। अधिकारियों के निर्देश पर स्थानीय नागरिकों की सहायता से फौरन राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया।
कड़ी मशक्कत के बाद निकाले गए शव
राहत कार्य के दौरान स्थानीय गोताखोरों और लोगों की मदद से दो बच्चों के शवों को तो आसानी से बाहर निकाल लिया गया, किंतु तीसरे बच्चे के शव को ढूंढने के लिए बचाव दल को काफी कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। लंबे प्रयासों के बाद तीसरे बच्चे के शव को भी कुएं से बाहर निकाल लिया गया। पुलिस को घटनास्थल पर कुएं के पास ही बच्चों की साइकिलें भी बरामद हुई हैं। फिलहाल पुलिस ने सभी शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और इस बात की गहराई से छानबीन की जा रही है कि आखिर ये मासूम किन परिस्थितियों में कुएं तक पहुंचे और यह दुर्घटना कैसे घटी।


