जयपुर। कांग्रेस नेत्री रितु बराला से कथित मारपीट के मामले में जयपुर में पृथक से प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज कराने की मांग को लेकर राजस्थान कांग्रेस का विरोध प्रदर्शन पुलिस कमिश्नरेट पर बुधवार को भी लगातार जारी रहा। सोमवार शाम से शुरू हुआ यह धरना पिछले कई घंटों से चल रहा है। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली और पूर्व मुख्यमंत्री के मंत्री रहे प्रताप सिंह खाचरियावास सहित कई प्रमुख कांग्रेसी नेता कमिश्नरेट परिसर में ही डटे हुए हैं। नेताओं ने परिसर में बिस्तर लगाकर पूरी रात गुजारी, लेकिन पुलिस प्रशासन और कांग्रेस के बीच एफआईआर दर्ज करने के इस कानूनी पेंच पर अभी तक कोई सहमति नहीं बन पाई है।
पुलिस और कार्यकर्ताओं में झड़प, हल्का बल प्रयोग
बीते मंगलवार देर रात प्रदर्शन के दौरान माहौल उस समय काफी तनावपूर्ण हो गया जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस बल के बीच तीखी धक्का-मुक्की शुरू हो गई। हालात को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने हल्का बल प्रयोग किया, जिसमें झोटवाड़ा निवासी कांग्रेस कार्यकर्ता राहुल यादव के सिर में चोट लग गई, जबकि अन्य चार कार्यकर्ताओं को भी मामूली चोटें आईं। इसके अलावा, घटना की कवरेज करने बाहर गए कुछ मीडियाकर्मियों को दोबारा कमिश्नरेट कार्यालय के अंदर प्रवेश न दिए जाने का मामला भी सामने आया है।
दिल्ली बनाम जयपुर एफआईआर का विवाद और डोटासरा के सवाल
इस पूरे टकराव की मुख्य वजह दिल्ली में दर्ज हो चुकी एफआईआर और जयपुर में नई शिकायत पर अलग से मामला दर्ज कराने की जिद है। जयपुर पुलिस का पक्ष है कि 13 अक्टूबर को दिल्ली में घटी घटना के संबंध में कनॉट प्लेस थाने में पहले से ही मामला दर्ज है और रितु बराला की शिकायत को भी उसी मौजूदा प्रकरण में शामिल करके तफ्तीश की जा रही है। इसी कानूनी तकनीकी आधार पर पुलिस जयपुर में अलग से एफआईआर दर्ज करने से इनकार कर रही है।
दूसरी तरफ, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का तर्क है कि दिल्ली वाली एफआईआर की विषयवस्तु बिल्कुल अलग है, इसलिए जयपुर में दी गई नई शिकायत पर स्वतंत्र रूप से मामला कायम होना चाहिए। उन्होंने पुलिस से यह भी मांग की कि वे दिल्ली में दर्ज एफआईआर का पूरा विवरण स्पष्ट करें। इस तरह एक ही घटना को लेकर दो अलग जगह एफआईआर दर्ज करने या पुरानी में ही जांच जोड़ने का यह सवाल दोनों पक्षों के बीच गतिरोध की बड़ी वजह बन गया है। इस दौरान डोटासरा ने पुलिस कमिश्नर की मौजूदगी को लेकर तंज कसते हुए वहां मौजूद नेताओं से पूछा कि कमिश्नर कहां मिलेंगे, जिस पर एक कार्यकर्ता ने जवाब दिया कि 'भाजपा के बाड़े में'।
राहुल गांधी के निर्देश के बाद बढ़ा विरोध
रितु बराला के प्रकरण में कांग्रेस का यह आक्रामक रुख तब और तेज हुआ जब लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने गोविंद सिंह डोटासरा को फोन कर जयपुर में हर हाल में एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। इसके बाद डोटासरा सोमवार शाम करीब सवा छह बजे सीधे पुलिस कमिश्नरेट पहुंचे और आला अधिकारियों के समक्ष अपनी मांग रखी। मंगलवार शाम को वैभव गहलोत भी इस धरने में शामिल होने पहुंचे, लेकिन प्रशासन के साथ कई दौर की वार्ताओं के बाद भी कोई हल नहीं निकल सका। कांग्रेस नेताओं ने कमिश्नरेट परिसर में ही डेरा डाले रखने का फैसला किया है।


