नई दिल्ली। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और इसके आसपास के इलाकों में लगातार गिरते वायु प्रदूषण के स्तर को गंभीरता से लेते हुए वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग (CAQM) द्वारा बड़ा कदम उठाया गया है। क्षेत्र में हवा की गुणवत्ता के 'खराब' श्रेणी में दर्ज किए जाने के बाद एनसीआर क्षेत्र में ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान यानी 'ग्रैप' का पहला चरण तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। प्रशासन ने इस बाबत स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए नागरिकों और संबंधित विभागों से एहतियाती कदम उठाने की अपील की है, ताकि बढ़ते प्रदूषण पर समय रहते लगाम लगाई जा सके।
वाहन चालकों और नागरिकों के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश
बढ़ते प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने में व्यक्तिगत योगदान बेहद महत्वपूर्ण होता है। इसके मद्देनजर वाहन चालकों को सलाह दी गई है कि वे अपने वाहनों के इंजन को हमेशा अच्छी स्थिति में ट्यून करवा कर रखें तथा टायरों में हवा का उचित दबाव बनाए रखें। वाहन चलाते समय प्रदूषण नियंत्रण से जुड़ा पीयूसी (PUC) प्रमाण पत्र हमेशा अपने साथ रखें। सड़कों पर यातायात के दौरान लाल बत्ती (रेड लाइट) होने पर गाड़ी के इंजन को पूरी तरह बंद कर दें, ताकि व्यर्थ में धुआं न फैले। इसके अलावा, पारंपरिक ईंधन वाले वाहनों की जगह हाइब्रिड वाहनों या इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को प्राथमिकता दें। पर्यावरण संरक्षण में सहयोग करते हुए खुले स्थानों पर किसी भी प्रकार का कूड़ा-कचरा न फैलाएं और न ही उसका अनुचित निस्तारण करें।
प्रदूषण गतिविधियों की शिकायत और हरित जीवनशैली अपनाएं
आम नागरिक भी पर्यावरण को बचाने में अपनी सक्रिय भूमिका निभा सकते हैं। यदि कहीं भी वायु प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियां नजर आएं, तो विभिन्न नागरिक सहायता मंचों के माध्यम से इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई जा सकती है। इसके साथ ही, पर्यावरण को हरा-भरा और स्वच्छ बनाने के लिए अधिक से अधिक पौधे लगाएं। आगामी त्योहारों को पूरी तरह से पर्यावरण अनुकूल तरीके से मनाएं और पटाखों के प्रयोग से परहेज करें। सड़कों पर प्रदूषण कम करने के उद्देश्य से दस से पंद्रह वर्ष पुराने डीजल एवं पेट्रोल वाहनों का संचालन करने से बचें और सरकार द्वारा तय किए गए नियमों का पूरी निष्ठा से पालन करें।


