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    फिर मिला संतो महंतो का आशीर्वाद, अब ‘मां’ को मिलेगा दर्शकों का प्यार

    राजस्थानी सिनेमा को बढ़ावा देने की पहल, महंत बालमुकुंदाचार्य ने किया फिल्म का पोस्टर प्रदर्शित; 25 अक्टूबर को होगा विशेष शो

    जयपुर। राजस्थान की कला, संस्कृति और भाषा को जन-जन तक पहुंचाने में सिनेमा की महत्वपूर्ण भूमिका है। राजस्थानी सिनेमा को प्रोत्साहन देने के इसी उद्देश्य के साथ राजस्थानी फिल्म ‘मां’ के प्रचार अभियान को संत का आशीर्वाद मिला है। दक्षिणमुखी बालाजी हाथोज धाम के पीठाधीश्वर एवं हवामहल विधायक महंत बालमुकुंदाचार्य ने फिल्म का पोस्टर देखकर राजस्थानी भाषा और संस्कृति को बढ़ावा देने की पहल की सराहना की।

    महंत बालमुकुंदाचार्य ने कहा कि वे राजस्थानी कला, संस्कृति और भाषा को बढ़ावा देने के लिए सदैव तत्पर हैं। अपनी संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाने में सिनेमा सबसे प्रभावी माध्यमों में से एक है। उन्होंने प्रदेशवासियों से राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत और राजस्थानी भाषा से प्रेम करने के साथ राजस्थानी फिल्मों को देखने का भी आह्वान किया।

    25 अक्टूबर को होगा ‘मां’ का विशेष शो

    राजस्थान रॉयलवुड फिल्म इंडस्ट्रीज की ओर से प्रत्येक रविवार को एक राजस्थानी फिल्म का विशेष प्रदर्शन किया जा रहा है। इसी क्रम में रविवार, 25 अक्टूबर को सुबह राजस्थानी फिल्म ‘मां’ का विशेष शो आयोजित किया जाएगा। इस शो में महंत बालमुकुंदाचार्य को विशिष्ट अतिथि के रूप में आमंत्रित करने के लिए रॉयलवुड अभिनेता राज जांगिड और राजेशकुमार जांगिड उनसे मिले।

    इस मुलाकात के दौरान दोनों कलाकारों ने महंत बालमुकुंदाचार्य के साथ फिल्म का पोस्टर प्रदर्शित कर प्रचार-प्रसार किया। फिल्म को लेकर राजस्थानी सिनेमा से जुड़े कलाकारों में उत्साह है। इस पहल का उद्देश्य दर्शकों को राजस्थानी फिल्मों से जोड़ना और स्थानीय भाषा में बनने वाले सिनेमा को प्रोत्साहित करना है।

    वर्ष 2017 में भी संत ने किया था फिल्म का शुभारंभ

    राजस्थानी फिल्म ‘मां’ का महंत बालमुकुंदाचार्य से जुड़ाव पहले भी रहा है। उल्लेखनीय है कि 21 अप्रैल 2017 को महंत बालमुकुंदाचार्य और तत्कालीन विधानसभा अध्यक्ष कैलाश मेघवाल ने राजमंदिर में दीप प्रज्ज्वलित कर फिल्म का शुभारंभ किया था। उस समय फिल्म राजमंदिर में प्रतिदिन चार शो में प्रदर्शित हुई थी।

    अब एक बार फिर फिल्म ‘मां’ के प्रचार अभियान के दौरान महंत बालमुकुंदाचार्य का आशीर्वाद मिलने से फिल्म से जुड़े कलाकारों और राजस्थानी सिनेमा के समर्थकों में उत्साह है।

    राजस्थानी भाषा और संस्कृति को सिनेमा से जोड़ने की अपील

    महंत बालमुकुंदाचार्य ने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे राजस्थान की कला, संस्कृति और भाषा के प्रति अपना जुड़ाव बनाए रखें तथा राजस्थानी फिल्मों को देखने के लिए आगे आएं। स्थानीय भाषा में बनने वाली फिल्में क्षेत्र की परंपराओं, सामाजिक जीवन और सांस्कृतिक पहचान को व्यापक दर्शक वर्ग तक पहुंचाने का माध्यम बन सकती हैं।

    राजस्थानी फिल्म ‘मां’ के विशेष शो और इसके प्रचार अभियान के जरिए एक बार फिर क्षेत्रीय सिनेमा को दर्शकों तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अब फिल्म से जुड़े लोगों को उम्मीद है कि दर्शक राजस्थानी भाषा और संस्कृति पर आधारित सिनेमा को अपना प्यार देंगे।

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