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    रामलीला के मंच से उठी नीलगायों को बचाने की आवाज, सरकार से कानून वापस लेने की मांग

    दशहरे पर राम के आदर्शों के बीच जीवदया का संदेश, तख्तियां दिखाकर नीलगायों को भी जीने का अधिकार देने की लगाई गुहार

    अलवर। मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम की लीलाओं का मंचन करने वाली तांगा स्टैंड स्थित श्रीरामलीला क्लब की रामलीला में इस बार वन्यजीवों की रक्षा का संदेश भी गूंजा। करीब 79 वर्षों से विजयदशमी के पावन अवसर पर भगवान श्रीराम की लीलाओं का निःशुल्क मंचन कर रही रामलीला के मंच से नीलगायों को बचाने और उन्हें जीवनदान देने की मांग उठाई गई।

    रामलीला के समापन अवसर पर कलाकारों और उपस्थित लोगों ने तख्तियां प्रदर्शित कर राज्य सरकार से नीलगायों की हत्या से जुड़े कानून को वापस लेने की अपील की।

    रामलीला के मंच से जीवदया का संदेश

    रामलीला क्लब के इस आयोजन में भगवान श्रीराम के आदर्शों, सत्य, मर्यादा, त्याग और करुणा के संदेश के साथ बेजुबान वन्यजीवों के प्रति संवेदना व्यक्त की गई। आयोजकों ने कहा कि जिस मंच से वर्षों से सनातन संस्कृति और भगवान श्रीराम के आदर्शों का प्रचार-प्रसार किया जा रहा है, उसी मंच से नीलगायों के संरक्षण की आवाज उठाना समाज को जीवदया का संदेश देने की एक पहल है।

    नीलगायों की हत्या से जुड़े कानून को वापस लेने की मांग

    आयोजकों ने आरोप लगाया कि राजस्थान में किसानों की फसल बचाने के नाम पर नीलगायों को मारने से संबंधित कानूनी प्रावधान लागू किए जाने के बाद धार्मिक, सामाजिक, सांस्कृतिक और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े अनेक संगठन विरोध जता रहे हैं। उन्होंने राज्य सरकार से इस मामले पर पुनर्विचार करने और नीलगायों के जीवन की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की।

    रामलीला के समापन अवसर पर भगवान श्रीराम के राज्याभिषेक की लीला के दौरान महिला-पुरुषों ने हाथों में तख्तियां लेकर सरकार से नीलगायों को भी जीने का अधिकार देने की अपील की। तख्तियों पर नीलगाय हत्या कानून वापस लो जैसे संदेश लिखे हुए थे।

    सर्वसमाज के लोगों ने लिया भाग

    इस अवसर पर रामलीला क्लब के अध्यक्ष हरिकिशन त्रिपाठी सहित हितेश ठाकुर, अशोक आहूजा, जगदीश मनोचा, अनिल कालरा, विद्याभूषण ग्रोवर और अशोक शर्मा सहित सर्वसमाज के सैकड़ों महिला-पुरुष उपस्थित रहे।

    कार्यक्रम के माध्यम से आयोजकों ने धार्मिक आस्था, करुणा और प्रकृति संरक्षण के बीच संबंध को रेखांकित करते हुए राज्य सरकार से नीलगायों के संरक्षण के विषय पर संवेदनशीलता के साथ विचार करने की अपील की।

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