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    बर्फीली चोटियों पर देश की ढाल बने ITBP के हिमवीर, स्थापना दिवस पर मिला सम्मान

    नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शनिवार को भारत-तिब्बत सीमा पुलिस के स्थापना दिवस के अवसर पर देश के सभी जवानों को हार्दिक बधाई दी है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर अपने एक संदेश में प्रधानमंत्री ने बल के कर्मियों की सराहना करते हुए कहा कि कठिन और विपरीत परिस्थितियों में भी ये हिमवीर पूरी निष्ठा के साथ अपनी डयूटी निभाते हैं। बर्फ से ढकी पहाड़ियों और दुर्गम सीमाओं पर तैनात इन जवानों का अदम्य साहस और देश के प्रति समर्पण हर नागरिक के लिए प्रेरणा स्रोत है।

    रक्षा मंत्री और गृह मंत्री ने दी शुभकामनाएं

    रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी इस विशेष अवसर पर आईटीबीपी के जवानों और उनके परिजनों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अत्यधिक चुनौतीपूर्ण मौसम में सीमाओं की रक्षा करने के साथ-साथ यह बल आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर भी सराहनीय भूमिका निभा रहा है। विशेष रूप से वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में बल के योगदान की उन्होंने प्रशंसा की। वहीं, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संदेश में देश की रक्षा में सर्वोच्च बलिदान देने वाले अमर शहीदों को नमन किया और कहा कि इन हिमवीरों ने कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में देश की आन-बान-शान को हमेशा सुरक्षित रखा है।

    चीन सीमा की रखवाली करने वाला प्रमुख बल

    भारत-तिब्बत सीमा पुलिस देश की प्रमुख और विशिष्ट सीमा सुरक्षा बलों में से एक है, जिसकी तैनाती मुख्य रूप से चीन के साथ लगती करीब 3,488 किलोमीटर लंबी वास्तविक नियंत्रण रेखा यानी एलएसी पर है। लद्दाख से लेकर अरुणाचल प्रदेश तक फैली इस सीमा पर लद्दाख, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के ऊंचे और दुर्गम इलाके शामिल हैं। इन क्षेत्रों में अत्यधिक ठंड और कम ऑक्सीजन के बीच चौकसी रखना और गश्त करना जवानों के लिए एक बड़ी चुनौती होती है।

    साल 1962 के युद्ध के बाद हुआ था गठन

    इस बल की स्थापना 24 अक्टूबर 1962 को भारत-चीन युद्ध के ठीक बाद की गई थी। शुरुआती दौर में इसका मुख्य उद्देश्य केवल चीन से सटी भारतीय सीमाओं की सुरक्षा करना था और इसका गठन महज चार बटालियनों के साथ किया गया था। वक्त के साथ इस बल की जिम्मेदारियों का दायरा काफी बढ़ा है। वर्तमान समय में यह बल न केवल सीमाओं की निगहबानी कर रहा है, बल्कि प्राकृतिक आपदाओं के दौरान राहत और बचाव कार्यों, आंतरिक सुरक्षा तथा नक्सल-विरोधी अभियानों में भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

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