भोपाल| मध्य प्रदेश में मानसून की विदाई के करीब बीस दिन बीत चुके हैं और सुबह-शام मौसम में हल्की ठंडक महसूस होने लगी है, लेकिन अब एक बार फिर बारिश का नया दौर शुरू होने के आसार बन रहे हैं। बंगाल की खाड़ी में एक चक्रवाती तूफान के सक्रिय होने से देश के कई राज्यों के साथ-साथ मध्य प्रदेश में भी मौसम का मिजाज बदलने वाला है, जिससे ठंड में और अधिक इजाफा होने की संभावना जताई जा रही है।
अक्टूबर के अंत में बारिश की संभावना
मौसम विभाग के अनुसार पूर्वी भारत के पास बंगाल की खाड़ी में बने कम दबाव के क्षेत्र ने चक्रवाती तूफान का रूप लेना शुरू कर दिया है। यह प्रणाली आंध्र प्रदेश और ओडिशा के तटीय इलाकों की तरफ तेजी से आगे बढ़ रही है। इसके प्रभाव से आगामी अठ्ठाईस अक्टूबर से मौसम में महत्वपूर्ण बदलाव देखने को मिल सकता है, जिसका असर छत्तीसगढ़ और झारखंड के साथ मध्य प्रदेश के कुछ हिस्सों में भी बारिश के रूप में सामने आ सकता है।
सक्रिय मौसम प्रणालियों का असर
इस समय बंगाल की खाड़ी में बन रहे सिस्टम के अलावा राजस्थान के ऊपर एक चक्रवाती घेरा सक्रिय है और एक अन्य पश्चिमी विक्षोभ भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन तीनों मौसम प्रणालियों के आपसी तालमेल से मध्य प्रदेश के पूर्वी संभागों में बारिश का दौर शुरू होने की पूरी संभावना है। हालांकि फिलहाल राज्य के सभी जिलों में मौसम शुष्क बना हुआ है और आगामी कुछ दिनों तक तापमान में विशेष फेरबदल की उम्मीद नहीं है।
प्रदेश में तापमान का उतार-चढ़ाव
राज्य में ठंड और गर्मी दोनों का असर अलग-अलग क्षेत्रों में देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग की रिपोर्ट के मुताबिक कटनी जिले का करौंदी क्षेत्र सबसे ठंडा रहा, जहां न्यूनतम तापमान गिरकर बारह डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया। इसके विपरीत मंदसौर और रतलाम जिलों में गर्मी का असर अब भी बना हुआ है, जहां अधिकतम तापमान चौंतीस डिग्री सेल्सियस से अधिक रिकॉर्ड किया गया है।


