दुबई। यमन में हूती विद्रोहियों और सऊदी अरब के नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन के बीच चल रहा संघर्ष एक बार फिर अत्यंत खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। हूती लड़ाकों ने सऊदी अरब के कई प्रमुख शहरों को निशाना बनाते हुए मिसाइल और ड्रोन से ताबड़तोड़ हमले किए, जिसके जवाब में गठबंधन सेना ने यमन के विद्रोही नियंत्रण वाले क्षेत्रों पर भीषण हवाई बमबारी की। इस तीव्र सैन्य टकराव के कारण दोनों पक्षों को भारी नुकसान की सूचना है और क्षेत्रीय स्थिरता पर एक बार फिर बड़ा संकट मंडराने लगा है।
हूती विद्रोहियों के सऊदी शहरों पर मिसाइल और ड्रोन हमले
हूती सैन्य प्रवक्ता याह्या सरिया ने एक आधिकारिक बयान जारी कर दावा किया कि उनके संगठन ने सऊदी अरब की भूमि पर कई मिसाइलें और ड्रोन दागे हैं। इस हमले की जद में रियाद, यानबू, रबीग, दम्माम, नजरान और खमीस मुशैत जैसे महत्वपूर्ण शहर आए, जहां स्थित अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों, ऊर्जा प्रतिष्ठानों और सामरिक सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया गया। विद्रोहियों का कहना था कि रियाद के मुख्य अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे और तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर सुनियोजित तरीके से हमले किए गए हैं।
गठबंधन सेना द्वारा मिसाइलें हवा में नष्ट और भीषण जवाबी कार्रवाई
सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन ने दावा किया कि उसने अपनी रक्षा प्रणाली का उपयोग करते हुए रियाद, ताइफ और यानबू की ओर बढ़ रही अधिकांश मिसाइलों को हवा में ही रोककर नष्ट कर दिया। हालांकि, वायु रक्षा प्रणाली द्वारा रोकी गई मिसाइलों का मलबा गिरने से कुछ क्षेत्रों में दहशत फैल गई। इसके तुरंत बाद गठबंधन ने यमन की राजधानी सना और ताइज प्रांत के मोखा बंदरगाह समेत हूती ठिकानों पर एक सौ से अधिक शक्तिशाली हवाई हमले किए, जिससे व्यापक पैमाने पर तबाही हुई है।
यमन में बढ़ता मानवीय संकट और लंबे समय से जारी गृहयुद्ध
यमन के स्थानीय सूत्रों और मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, इन हमलों की चपेट में आने से कई नागरिकों की जान चली गई है और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए हैं। उल्लेखनीय है कि यमन में यह खूनी संघर्ष वर्ष 2014 के अंत से लगातार जारी है, जब हूती विद्रोहियों ने राजधानी सना पर कब्जा कर लिया था। इसके बाद से देश में वैध सरकार की बहाली के लिए सऊदी गठबंधन ने सैन्य हस्तक्षेप किया था, जो आज तक इस भू-राजनीतिक संघर्ष का प्रमुख केंद्र बना हुआ है।


