भारतीय क्रिकेट टीम के युवा बल्लेबाज तिलक वर्मा के निचले क्रम में उतरकर एक बेहतरीन फिनिशर के रूप में खुद को ढालने के तरीके ने विपक्षी खेमे को भी प्रभावित किया है। हाल ही में खेले गए एक रोमांचक टी20 मुकाबले में नाबाद अर्धशतकीय पारी खेलकर भारत को जीत दिलाने वाले इस बल्लेबाज की प्रशंसा करते हुए न्यूजीलैंड के कप्तान ने उनके खेल की सराहना की है। विपक्षी कप्तान का मानना है कि युवा खिलाड़ी ने अपनी पारंपरिक भूमिका से हटकर मध्यक्रम में जिस तरह से जिम्मेदारी संभाली है, वह वाकई काबिल-ए-तारीफ है।
शानदार फिनिशर के रूप में उभरे तिलक वर्मा
न्यूजीलैंड के कप्तान ने कहा कि उन्होंने इस भारतीय बल्लेबाज को आईपीएल के दौरान शुरुआती क्रम में तीसरे नंबर पर बल्लेबाजी करते हुए लंबे समय तक देखा है। हालांकि अब इस बाएं हाथ के खिलाड़ी ने नई परिस्थिति के अनुकूल खुद को ढाल लिया है और पारी के अंतिम ओवरों में मैच को अंजाम तक पहुंचाने की कला में महारत हासिल कर ली है। मैच के दौरान अन्य युवा खिलाड़ियों के साथ मिलकर उन्होंने जिस तरह से दबाव की स्थिति में पारी को संभाला, उसने टीम की जीत में मुख्य भूमिका निभाई।
युवा खिलाड़ियों के बेखौफ खेल की सराहना
कीवी कप्तान ने भारतीय टीम के अन्य युवा बल्लेबाजों के आक्रामक रवैये की भी खुलकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मैदान पर उतरते ही जिस तरह से खिलाड़ी बिना किसी दबाव के खुलकर अपने शॉट्स खेलते हैं, वह सराहनीय है। हालांकि शुरुआती चरण में कुछ समय लेने के बाद इन बल्लेबाजों ने पिच की स्थिति को समझा और अंत में तेजी से रन बनाकर लक्ष्य को हासिल कर लिया। खेल के अंतिम पलों में इन खिलाड़ियों का प्रदर्शन निर्णायक साबित हुआ।
मैच के अहम मौकों पर हुई चूक बनी हार की वजह
अपनी टीम के प्रदर्शन पर बात करते हुए उन्होंने स्वीकार किया कि बेहतरीन गेंदबाजी के बावजूद कुछ छोटी-छोटी गलतियों के कारण उन्होंने मैच गंवा दिया। पारी के अंतिम चरण में कैच छोड़ने और क्षेत्ररक्षण के दौरान हुई चूकों को उन्होंने हार का प्रमुख कारण बताया। कप्तान का मानना है कि इस स्तर के मुकाबलों में परिणाम तय करने में मैदान पर बिताए गए छोटे-छोटे पल और मौके भुनाना सबसे महत्वपूर्ण होता है। टीम इन कमियों की समीक्षा कर आगामी मुकाबलों में बेहतर प्रदर्शन करने का प्रयास करेगी।


