धनतेरस में अब कुछ ही दिन बाकी हैं. हर घर में साफ-सफाई की तैयारी चल रही है. कोई घर के कोने-कोने को चमका रहा है, तो कोई पूजा की तैयारियों में जुटा है, लेकिन इस दौरान घर के मंदिर की सफाई करना भी उतना ही जरूरी है. वास्तु शास्त्र के अनुसार, मंदिर में रखी मूर्तियों की दिशा से लेकर टूटी-फूटी चीजों तक, हर एक चीज का ध्यान रखना जरूरी है. कि धनतेरस का त्योहार इस साल 6 नवंबर (शुक्रवार) को मनाया जाएगा. यह दिवाली से पहले आने वाला खास पर्व है जिसे धन, सुख-समृद्धि और अच्छे स्वास्थ्य से जोड़कर देखा जाता है. मान्यता है कि इस दिन भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और कुबेर देव की पूजा करने से घर में सुख-समृद्धि बनी रहती है. धनतेरस पर सोना-चांदी, बर्तन और दूसरी नई चीजें खरीदना भी शुभ माना जाता है. इस दिन लोग घर के मुख्य दरवाजे और मंदिर की साफ-सफाई करते हैं, दीपक जलाते हैं और दिवाली की तैयारियां शुरू करते हैं.
ज्योतिषी अखिलेश पांडेय के मुताबिक, धनतेरस से पहले घर के मंदिर की सफाई करते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी है. सबसे पहले अगर मंदिर में कोई भी टूटी हुई मूर्ति है तो उसे हटा दें. पुराने मुरझाए फूल-मालाओं को भी हटा दें. वास्तु शास्त्र के अनुसार पूजा करते समय व्यक्ति का मुंह पूर्व या उत्तर दिशा की ओर होना अच्छा माना जाता है, इसलिए भगवान की मूर्तियों को इस तरह रखें कि उनके सामने पूजा करने के लिए पर्याप्त जगह हो और वे दीवार से बिल्कुल चिपकी न हों. पूजा घर में रखे पुराने कागज, खाली डिब्बे और बेकार सामान हटा दें. दीपक रखने की जगह भी एकदम साफ होनी चाहिए, रोली, चावल, कपूर और अगरबत्ती जैसी पूजा की चीजों को साफ डिब्बों में सही तरीके से रखें.
ज्योतिषी पंडित अखिलेश पांडेय बताते हैं कि धनतेरस से पहले घर के मंदिर को नकली फूलों की जगह आम के पत्तों के तोरण से सजाना शुभ माना जाता हैं. हिंदू धर्म में आम के पत्तों को बेहद शुभ माना जाता है. पूजा-पाठ और त्योहारों के दौरान इनका तोरण लगाया जाता है. मान्यता है कि आम के पत्तों का तोरण घर में सकारात्मक ऊर्जा लाता है और सुख-समृद्धि का प्रतीक माना जाता है. यह पत्ते सुंदरता में भी चार चांद लगाते हैं.


