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    ‘सबको खुश करना है तो आइसक्रीम बेचो’, रामायण के संगीत पर रहमान का बयान चर्चा में

    मुंबई। राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता निर्देशक नितेश तिवारी के बेहद महत्वाकांक्षी और बहुप्रतीक्षित निर्देशन में बन रही आगामी महाकाव्य फिल्म 'रामायण' को लेकर सिनेप्रेमियों और दर्शकों के बीच अभूतपूर्व उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म के टीजर और विज्ञापनों के सामने आने के बाद से ही इसके भव्य संगीत और धुनों को लेकर चारों तरफ व्यापक चर्चा हो रही है। विशेष तौर पर हाल ही में रिलीज किए गए गाने 'मंगल रंग' को लेकर सोशल मीडिया के विभिन्न मंचों पर मिली-जुली और तीखी प्रतिक्रियाएं देखने को मिल रही हैं, जहां एक तरफ कुछ वर्ग इसके अनूठे संगीत की प्रशंसा कर रहा है, तो वहीं दूसरी तरफ इसके प्रस्तुतिकरण पर सवाल भी उठाए जा रहे हैं। इन तमाम आलोचनाओं और बहसों के बीच अब फिल्म के ऑस्कर विजेता संगीतकार एआर रहमान ने अपनी चुप्पी तोड़ते हुए खुलकर अपनी बात रखी है और आलोचकों को करारा जवाब दिया है।

    आलोचनाओं पर एआर रहमान का स्पष्ट और दो टूक जवाब

    एक हालिया साक्षात्कार के दौरान अपनी बात रखते हुए संगीतकार एआर रहमान ने कहा कि वे स्वयं अपने सबसे पहले और सबसे कड़े आलोचक हैं। ऐसा बिल्कुल नहीं है कि उन्हें अपनी बनाई हुई प्रत्येक धुन या रचना तुरंत पसंद आ जाती हो। किसी भी धुन को तैयार करने में रातों की मेहनत लगती है और हम किसी भी निर्णय पर जल्दबाजी में नहीं पहुंचते हैं। संगीतकार ने बताया कि किसी भी रचना के साथ उनकी टीम महीनों तक काम करती है और इसके पीछे एक लंबी रचनात्मक प्रक्रिया तथा गहरी सोच छिपी होती है। अपनी बात को और अधिक सरल तरीके से समझाते हुए रहमान ने भोजन का उदाहरण दिया और कुछ धुनों की तुलना पारंपरिक अचार से करते हुए कहा कि कुछ चीजें वक्त बीतने के साथ और अधिक परिपक्व और बेहतर लगती हैं।

    हर किसी को खुश नहीं किया जा सकता: स्टीव जॉब्स का उदाहरण

    रहमान ने आगे स्पष्ट किया कि कई बार लोग किसी कलाकृति का केवल एक सतही पहलू ही देख पाते हैं और उसके पीछे की पूरी मेहनत या वृहद तस्वीर को नहीं समझ पाते। ऐसे में संगीतकारों और कलाकारों को धैर्य रखने की आवश्यकता होती है। जब श्रोता समय के साथ उस संगीत की गहराई को समझते हैं, तब वे उसकी असल खूबी को स्वीकार करते हैं। हालांकि, उन्होंने यह भी माना कि एक निश्चित सीमा तक ही लोगों की आलोचनाओं को तवज्जो दी जा सकती है, क्योंकि हर किसी को संतुष्ट करना असंभव है। इसी बात का समर्थन करते हुए उन्होंने प्रसिद्ध उद्योगपति स्टीव जॉब्स के एक पुराने कथन का हवाला दिया और कहा कि यदि आप दुनिया के हर एक व्यक्ति को खुश करना चाहते हैं, तो आपको संगीत बनाने के बजाय आइसक्रीम बेचने का कार्य करना चाहिए।

    'मंगल रंग' गाने को लेकर छिड़ी बहस और फिल्म की रिलीज की तारीख

    विदित हो कि फिल्म 'रामायण' के बहुचर्चित गाने 'मंगल रंग' को देश के शीर्ष गायक अरिजीत सिंह और श्रेया घोषाल ने अपनी जादुई आवाजों से सजाया है, जबकि इसके भावपूर्ण बोल प्रख्यात कवि कुमार विश्वास द्वारा लिखे गए हैं। यह गाना भगवान श्रीराम और माता सीता के पावन विवाह प्रसंग पर आधारित है। हालांकि, रिलीज के तुरंत बाद इसके संगीत संयोजन को लेकर सोशल मीडिया पर एक लंबी बहस छिड़ गई, जिसमें कुछ लोगों ने गाने में कव्वाली शैली के प्रभाव पर आपत्ति जताई। इसके अलावा, रावण के तांडव दृश्यों में प्रयुक्त इलेक्ट्रॉनिक संगीत को लेकर भी दर्शकों की अलग-अलग राय सामने आई है। नमित मल्होत्रा द्वारा निर्मित इस भव्य cinematic masterpiece में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, रवि दुबे लक्ष्मण और सनी देओल हनुमान के दिव्य किरदार में नजर आएंगे। इस फिल्म का बहुप्रतीक्षित पहला भाग आगामी 5 नवंबर 2026 को दुनिया भर के सिनेमाघरों में रिलीज किया जाएगा, जबकि इसका दूसरा भाग वर्ष 2027 की दीपावली पर प्रदर्शित होगा।

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