मुंबई। सूखे और अतिवृष्टि के कारण फसलों की भारी बर्बादी झेल रहे महाराष्ट्र के अन्नदाताओं के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है। राज्य सरकार द्वारा पात्र किसानों के बैंक खातों में पांच हजार रुपये की अग्रिम आर्थिक सहायता का वितरण आरंभ कर दिया गया है। इसके साथ ही, दीपावली के पावन पर्व के पश्चात किसानों के लिए एक विस्तृत और बड़े राहत पैकेज की घोषणा किए जाने की प्रबल संभावना है।
लगभग 31 हजार करोड़ रुपये का सहायता प्रस्ताव
परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक के अनुसार, कृषि विभाग ने संकटग्रस्त किसानों को संबल प्रदान करने के उद्देश्य से लगभग 31 हजार करोड़ रुपये के वित्तीय सहायता प्रस्ताव को तैयार किया है। हालांकि, इस प्रस्तावित राशि में से वास्तविक रूप से कितनी धनराशि स्वीकृत की जाएगी और किसानों को सहायता प्रदान करने का अंतिम मानदंड क्या होगा, इस पर अभी निर्णय लिया जाना शेष है।
पात्र किसानों के खातों में डीबीटी के माध्यम से पहुंच रही राशि
राज्य प्रशासन ने सूखाग्रस्त क्षेत्रों के कृषकों को त्वरित संबल प्रदान करने हेतु पांच हजार रुपये की अग्रिम सहायता देने का निर्णय लिया है, जिसके लिए 7,500 करोड़ रुपये के वित्तीय प्रावधान को स्वीकृति दी गई है। यह सहायता राशि प्रदेश के 304 सूखा प्रभावित तालुकों के उन पात्र कृषकों को दी जा रही है, जिनकी फसलों को 33 प्रतिशत से अधिक का नुकसान हुआ है। यह पूरी राशि प्रत्यक्ष लाभ अंतरण यानी डीबीटी के माध्यम से सीधे किसानों के बैंक खातों में जमा की जा रही है।
नौ सदस्यीय उपसमिति कर रही है राहत पैमानों पर मंथन
प्रभावित किसानों की समस्याओं के समाधान और उन्हें दी जाने वाली सहायता के स्वरूप पर विचार-विमर्श के लिए राज्य सरकार ने नौ सदस्यीय विशेष उपसमिति का गठन किया है, जिसके सदस्य प्रताप सरनाईक भी हैं। यह समिति किसानों को राहत पहुंचाने से जुड़े तमाम पहलुओं की बारीकी से समीक्षा कर रही है। सरकार का मुख्य ध्येय आपदा से पीड़ित कृषकों को यथाशीघ्र वित्तीय मदद उपलब्ध कराना है।
बड़े राहत पैकेज के लिए दीपावली के बाद की घोषणाओं पर नजर
कृषि विभाग द्वारा तैयार किए गए 31 हजार करोड़ रुपये के वृहद प्रस्ताव से किसानों की उम्मीदें काफी बढ़ गई हैं। यद्यपि यह योजना अभी विचाराधीन है, परंतु इसे औपचारिक मंजूरी मिलने और सहायता का अंतिम स्वरूप तय होने के बाद ही किसानों को मिलने वाली वास्तविक राहत का पूरा चित्र स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल, पांच हजार रुपये की इस अग्रिम सहायता से किसानों को तात्कालिक संकट से उबरने में मदद मिल रही है, किंतु फसल नुकसान की पूर्ण भरपाई और आगामी कृषि सत्र की तैयारियों के लिए वे एक बड़े पैकेज की आस लगाए बैठे हैं।



