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    हेमंत खंडेलवाल बने मध्यप्रदेश भाजपा अध्यक्ष, निर्विरोध चयन

    भोपाल।   भोपाल में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में हेमंत विजय खंडेलवाल ने मध्य प्रदेश भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष के रूप में पदभार संभाला। इस मौके पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, निवर्तमान प्रदेश अध्यक्ष वी.डी. शर्मा समेत भाजपा के कई वरिष्ठ नेता उपस्थित रहे। प्रदेश अध्यक्ष पद की जिम्मेदारी मिलने पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और वी. डी. शर्मा ने खंडेलवाल को मिठाई खिलाकर शुभकामनाएं दीं। पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं ने इस मौके पर खंडेलवाल का गर्मजोशी से स्वागत किया और उनके नेतृत्व में संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्मीद जताई। बुधवार को भोपाल में केंद्रीय पर्यवेक्षक एवं केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की उपस्थिति में खंडेलवाल के नाम पर सर्वसम्मति से मुहर लगाई गई। खंडेलवाल का चयन निर्विरोध रहा, जिसे पार्टी के भीतर अनुशासन और एकजुटता का प्रतीक माना जा रहा है। इस मौके पर नए बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने कहा कि  बीजेपी के इस पर्व की प्रक्रिया पूरी हुई। मैं मानता हूं कि जो दायित्व सौंपा गया है, वो अहम है। इसके पहले  27 प्रदेश अध्यक्षों ने पार्टी को मजबूत किया है। बद्रीलाल दवे पहले अध्यक्ष थे। सुंदरलाल पटवा भी बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष बने। मेरे स्वर्गीय पिता भी कुशाभाऊ ठाकरे  के पद पर चलते थे। आज हमारे बीच कई लोग नहीं है, मैं उनको याद करता हूं। कई लोगों ने बीजेपी को आगे ले जाने का काम किया है। उन्होंने कहा कि पार्टी को बुलंदियों पर बरकार रखना है, आगे भी ले जाना है। बीजेपी किसी भी कार्यकर्ता को उसकी क्षमता के अनुरूप पद पर बैठाती है। उन्होंने कहा कि  विश्व गुरु आज हम नरेंद्र मोदी जी के कारण हैं। अमित शाह, जेपी नड्डा के मार्गदर्शन में हमें काम करना है। पहले एक मिथक था कि हम पांच साल पूरा नहीं कर पाते हैं। शिवराज सिंह चौहान ने इस मिथक को तोड़ा है। वो कल्याणकारी योजनाएं लेकर आए और वो मिथक टूट गया। इस समय  सीएम मोहन यादव भी हमारे प्रदेश में रोजगार और उद्योगों को लाने का काम कर रहे हैं। 

    बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल ने भाजपा में अनुशासन की बात की। उन्होंने कहा कि पार्टी में अनुशासन बड़ा होता है। सब मिलकर काम करते हैं। इस वजह से यहां पर सभी का सम्मान होता है। भाजपा का परिवार कई वर्षों से  कांग्रेस के विरुद्ध झंडा बुलंद करता आया है। और आगे भी करता रहेगा उन्होंने कहा कि कार्यकर्ताओं के सम्मान में कोई कमी नहीं आएगी। भाजपा उनके रग रग में है। हेमंत खंडेलवाल ने ये भी मैसेज देने की कोशिश की पार्टी सर्वोपरी है। उन्होंने कहा कि पार्टी से जो दाएं-बाएं होगा उसको परेशानी होगी। सत्ता और संगठन दोनों मिलकर काम करेंगे। उनकी साफ-सुथरी छवि, आरएसएस से जुड़ाव और सामान्य वर्ग से आने की पहचान ने उन्हें इस पद के लिए स्वाभाविक पसंद बना दिया।  खंडेलवाल की नियुक्ति को संगठनात्मक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक रणनीतिक निर्णय माना जा रहा है, जो भाजपा के वैचारिक मूल्यों और मौजूदा नेतृत्व की कार्यशैली के बीच तालमेल स्थापित करता है। उनके नेतृत्व में पार्टी आगामी चुनावी तैयारियों और संगठनात्मक विस्तार को लेकर नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ने की तैयारी में है। इस निर्णय के साथ ही निवर्तमान अध्यक्ष वी.डी. शर्मा का कार्यकाल भी समाप्त हो गया। शर्मा ने पांच वर्षों से अधिक समय तक इस पद पर रहते हुए पार्टी को कई राजनीतिक उपलब्धियां दिलाईं। पहले सामने आई गुटबाजी और कई नामों की अटकलों के बीच खंडेलवाल के नाम पर बनी सर्वसम्मति से यह स्पष्ट हो गया कि भाजपा ने एक बार फिर आंतरिक सहमति और अनुशासन को प्राथमिकता दी है।

    व्यक्तिगत और राजनीतिक पृष्ठभूमि

    1964 में मथुरा में जन्मे हेमंत खंडेलवाल कानून स्नातक हैं और व्यवसाय से जुड़े रहे हैं। वे वरिष्ठ भाजपा नेता विजय कुमार खंडेलवाल के पुत्र हैं। 2008 में अपने पिता के निधन के बाद बैतूल से सांसद बने और 2013 में विधायक चुने गए। 2023 में उन्होंने एक बार फिर विधानसभा में वापसी की। उनकी 41 करोड़ रुपये से अधिक की संपत्ति है और उनके खिलाफ कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। भाजपा खेमे में इसे अनुशासन और समन्वय का प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि खंडेलवाल की नियुक्ति से भाजपा को एक स्थिर और समन्वित नेतृत्व मिलेगा ।

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