अलवर। राजस्थान के वन एवं पर्यावरण मंत्री श्री संजय शर्मा ने शनिवार को अलवर के सोलंकी अस्पताल पहुंचकर असामाजिक तत्वों द्वारा घायल किए गए पुलिस जवान से मुलाकात की। यह जवान प्रदीप कुमार, आज सुबह जेल चौराहा क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान बदमाशों की मारपीट का शिकार हो गया था। मंत्री ने घायल जवान की कुशलक्षेम पूछते हुए उनके शीघ्र स्वास्थ्य लाभ की कामना की।
संजय शर्मा ने मौके पर मौजूद अस्पताल प्रशासन से इलाज की जानकारी ली और यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए कि जवान को सर्वोत्तम चिकित्सा सुविधा मुहैया कराई जाए। उन्होंने डॉक्टरों से कहा कि जवान का इलाज किसी प्रकार की कमी के बिना किया जाए और उसकी स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए।
मंत्री श्री शर्मा ने घटना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस अधीक्षक से फोन पर बात की और निर्देश दिए कि दोषियों को तुरंत चिन्हित कर उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि कानून-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है और पुलिस जवानों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
उन्होंने यह भी कहा कि इस प्रकार की घटनाएं समाज में भय का माहौल उत्पन्न करती हैं और ऐसी प्रवृत्तियों को कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाई जाएगी ताकि कानून का डर बना रहे और भविष्य में कोई भी व्यक्ति इस तरह का दुस्साहस करने की हिम्मत न कर सके।
संजय शर्मा ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार पुलिस विभाग के हर सिपाही के साथ खड़ी है। “हर जवान जो दिन-रात जनता की सेवा में लगा है, उसका आत्मबल और मनोबल बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है,” उन्होंने कहा।
इस अवसर पर अस्पताल में जवान के परिजन भी मौजूद थे। मंत्री ने उन्हें ढांढस बंधाया और हर संभव सहायता का भरोसा दिया। स्थानीय पुलिस अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर घायल जवान की स्थिति की जानकारी ली और अपराधियों की गिरफ्तारी को लेकर चल रही कार्रवाई से मंत्री को अवगत कराया।
यह घटना अलवर शहर के लिए एक चेतावनी है कि असामाजिक तत्वों के खिलाफ समय रहते ठोस कदम उठाए जाएं। मंत्री संजय शर्मा की त्वरित प्रतिक्रिया और मानवीय संवेदना प्रशासनिक कार्यशैली का सकारात्मक उदाहरण है।


