राजगढ़ (अलवर)। लंबे इंतजार के बाद आखिरकार राजगढ़ कस्बे सहित आसपास के क्षेत्रों में मानसून की पहली जोरदार बारिश ने लोगों को गर्मी और उमस से राहत दी। सोमवार अलसुबह करीब 2:30 बजे से शुरू हुई तेज तूफानी बारिश ने पूरे कस्बे को जलमग्न कर दिया। नगर के हर गली, मोहल्ले, सड़कों और अंडरपास में पानी भर गया।
नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार राजगढ़ कस्बे में 131 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई, जो इस सीजन की अब तक की सर्वाधिक वर्षा है।
सड़कों पर दरिया जैसे हालात, अंडरपास में जलभराव
तेज बारिश के कारण पुलिस उप अधीक्षक कार्यालय के सामने रेलवे अंडरपास और बांदीकुई मार्ग गेट नंबर 144 पर बने अंडरपास में भारी जलभराव हो गया। स्थिति को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों ओर चेन लगाकर आवागमन पर रोक लगा दी।
सड़कें दरिया में तब्दील हो गईं। राजगढ़ स्टेशन मार्ग, चिकित्सालय के सामने और बाजार की दुकानों में पानी घुसने से दुकानदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
प्रताप बांध में पानी की आवक से खुशी
तूफानी बारिश का सबसे बड़ा फायदा प्रताप बांध में पानी की आवक के रूप में देखने को मिला। बारिश के बाद बांध का जलस्तर बढ़ने से किसानों और कस्बेवासियों में खुशी की लहर दौड़ गई। कृषि क्षेत्र में भी खेतों में पानी लबालब भरने से काश्तकारों ने राहत की सांस ली है।
झरना पर्यटन स्थल और गांधी पार्क भी पानी-पानी
तेज बारिश के कारण पर्यटक स्थल झरना, गांधी पार्क और अन्य प्रमुख स्थलों पर भी पानी की भारी आवक देखी गई। झरना में पानी का बहाव तेज हो जाने के कारण स्थानीय लोग और पर्यटक वहां का नजारा देखने के लिए पहुंचे।
राहत के साथ चिंता भी
जहां एक ओर इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत दी, वहीं दूसरी ओर अत्यधिक जलभराव ने नगर की व्यवस्थाओं की पोल भी खोल दी। जगह-जगह नालों की सफाई नहीं होने और जल निकासी के उचित प्रबंध न होने के कारण सड़कों पर पानी जमा हो गया।
तेज बारिश से कुछ मकानों में भी पानी घुसने की खबरें सामने आई हैं। लोगों को रातभर मकानों से पानी निकालने में परेशानी उठानी पड़ी। कई जगह पाइप लाइनें और नाले ओवरफ्लो हो गए, जिससे आस-पास का जनजीवन प्रभावित रहा।
लोगों ने राहत महसूस की, उमस से मिली निजात
करीब सात दिन से उमस भरी गर्मी के कारण लोग बेहाल थे। सोमवार रात की इस बारिश ने लोगों को बड़ी राहत दी। बारिश थमने के बाद सुबह से ही कस्बेवासी जलभराव वाले स्थलों का नजारा देखने के लिए घरों से निकल पड़े।
प्रशासन को जल्द करनी होगी व्यवस्थाएं
स्थानीय लोगों का कहना है कि हर बार की तरह इस बार भी मानसून की पहली बारिश में नगर परिषद और प्रशासन की लापरवाही उजागर हो गई। जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान जरूरी है ताकि अगली बारिश में लोगों को इस तरह की परेशानियों का सामना न करना पड़े।


