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    तेज बहाव में बाइक सहित फंसे बुजुर्ग, बेटा-बहू; समय रहते बचाई गई जान

    बालाघाट। बालाघाट जिले में हो रही लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर तेजी से बढ़ गया है। सोमवार की रात एक बड़ा हादसा उस वक्त टल गया, जब सिंगोड़ी गांव निवासी एक परिवार बाढ़ के पानी में फंस गया। तीन फीट ऊपर से बहते पानी में बाइक समेत बुजुर्ग, उसका बेटा और बहू फंस गए थे। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर करीब आधे घंटे तक चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद तीनों को सुरक्षित बाहर निकाला।

    घटना रात 9 बजे की है। सिंगोड़ी निवासी शिवलाल राहंगडाले (60) अपने बेटे महेंद्र (30) और बहू प्रेमलता (29) के साथ लालपुर गांव से बाइक से लौट रहे थे। जैसे ही वे सिंगोड़ी-लालपुर मार्ग की पुलिया तक पहुंचे, उन्हें अंदाजा नहीं था कि पुलिया के ऊपर से तेज बहाव में पानी बह रहा है। रात का समय होने से दृश्यता भी कम थी। जैसे ही बाइक पुलिया के बीच पहुंची, तीनों वहीं पानी के बीच फंस गए।

    पानी का बहाव इतना तेज था कि उतरने की भी हिम्मत नहीं जुटा पाए

    शिवलाल और उसके परिजन पुलिया के बीच खड़े रह गए। तेज बहाव में उतरने पर बह जाने का खतरा था। इसी दौरान शिवलाल ने मोबाइल से तुरंत सिंगोड़ी पंचायत के सरपंच देवनाथ बोपचे को कॉल कर मदद मांगी। सरपंच ने हालात की गंभीरता को समझते हुए रामपायली थाना प्रभारी पंकज दीवान को इसकी सूचना दी।

    पुलिस टीम के साथ पहुंचे ग्रामीण, 30 मिनट चला रेस्क्यू ऑपरेशन

    सूचना मिलते ही थाना प्रभारी पंकज दीवान दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। ग्रामीणों को भी सतर्क किया गया। गांव के सूरजलाल पटले और अन्य युवकों ने मौके पर पहुंचकर रस्सियों और टॉर्च की मदद से रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। पानी के तेज बहाव के बीच सावधानी से तीनों को पुलिया से सुरक्षित बाहर निकाला गया। शिवलाल, महेंद्र और प्रेमलता को सुरक्षित निकालने के बाद सभी ने राहत की सांस ली। यदि थोड़ी भी देर होती या बहाव तेज हो जाता तो बड़ी अनहोनी हो सकती थी। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे संवेदनशील स्थानों पर चेतावनी बोर्ड, बैरिकेडिंग और रिफ्लेक्टर लगाए जाएं, ताकि रात में सफर करने वालों को खतरे का अंदाजा हो सके।

    “बहुत डर गए थे… लगता था पानी में बह जाएंगे” – शिवलाल

    बचने के बाद शिवलाल ने कहा, “हम सब बहुत घबरा गए थे। बहाव बहुत तेज था। नीचे उतरते तो बह जाते। भगवान का शुक्र है कि समय पर पुलिस और गांव वाले पहुंच गए।”

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