16 डोगरा रेजीमेंट की टीम ने बच्चों को किया प्रेरित, प्रोजेक्टर के माध्यम से साझा किए चित्र
अलवर। शहर के नयाबास स्थित बी.एल. पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को एक विशेष कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें भारतीय सेना की 16 डोगरा रेजीमेंट के अधिकारी कैप्टन उदय ढढवाल अपनी टीम के साथ विद्यालय पहुंचे। इस कार्यक्रम का उद्देश्य स्कूली छात्रों को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की जानकारी देना और भारतीय सेना के कार्यों व योगदान के प्रति प्रेरित करना था।
कैप्टन उदय ढढवाल के साथ सुबेदार नेकराम, लांस नायक अंकुश कुमार एवं लांस नायक अभिषेक शामिल रहे। स्कूल परिसर में छात्रों और शिक्षकों ने सैनिकों का गर्मजोशी से स्वागत किया। कार्यक्रम का संचालन सुनील बिल्खा द्वारा किया गया।
ऑपरेशन सिंदूर: जानकारी, उद्देश्य और परिणाम
कैप्टन ढढवाल ने प्रोजेक्टर के माध्यम से ऑपरेशन सिंदूर के वास्तविक चित्रों और घटनाक्रम को दिखाते हुए छात्रों को बताया कि यह ऑपरेशन क्यों आवश्यक था, इसे कैसे अंजाम दिया गया और इससे देश को क्या लाभ हुआ। उन्होंने बताया कि ऑपरेशन सिंदूर के अंतर्गत पाकिस्तान स्थित आतंकवादी कैम्पों को ध्वस्त किया गया, जिनकी योजना भारत विरोधी गतिविधियों के लिए की गई थी।
उन्होंने यह भी बताया कि ऑपरेशन में जनता का सहयोग, सैन्य अनुशासन, और रणनीतिक कुशलता कितनी महत्वपूर्ण रही। इस दौरान भारतीय सेना की वेबसाइट एवं आधिकारिक चैनलों के बारे में भी जानकारी दी गई, जहां से छात्र विश्वसनीय और सही जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।
सेना में भर्ती के लिए किया प्रेरित
कैप्टन ढढवाल ने अपने उद्बोधन में छात्रों को भारतीय सेना से जुड़ने के लिए प्रेरित करते हुए कहा कि यह सिर्फ एक नौकरी नहीं, बल्कि राष्ट्र सेवा का पावन अवसर है। उन्होंने बच्चों से आह्वान किया कि वे भविष्य में सेना में शामिल होकर देश की सुरक्षा में अपना योगदान दें।
विद्यालय परिवार ने जताया आभार
कार्यक्रम के सफल आयोजन में प्रिंसिपल सुमन बिल्खा, कनन बिल्खा, मुकेश कुमार तिवाड़ी, प्रमोद मलिक, देवी सिंह, बीना अरोड़ा एवं रेण का सराहनीय सहयोग रहा। सभी ने संयुक्त रूप से सेना के इस प्रयास की प्रशंसा की और कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से देशभक्ति, राष्ट्रप्रेम और प्रेरणा की भावना विद्यार्थियों में मजबूत होती है।
छात्रों पर पड़ा गहरा प्रभाव
‘ऑपरेशन सिंदूर’ से जुड़ी जानकारी और सेना की वीरगाथा सुनकर छात्रों में रोमांच और गर्व की भावना देखने को मिली। कार्यक्रम ने न सिर्फ उन्हें जानकारी दी, बल्कि एक नई सोच और लक्ष्य की दिशा भी प्रदान की।
विद्यालय प्रबंधन ने भविष्य में भी इस प्रकार के राष्ट्रहितकारी कार्यक्रम आयोजित करने की प्रतिबद्धता जताई, जिससे छात्रों को सेना, विज्ञान, सुरक्षा एवं सामाजिक जागरूकता जैसे विषयों में ज्ञान प्राप्त हो सके।


