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    चलते समय जांघों में रगड़ से परेशान? ये 5 एक्सरसाइज जलाएंगी थाई फैट

    जब जांघों में जरूरत से ज्यादा फैट जमा हो जाता है, इससे कई प्रॉब्लम होती हैं। यह महिलाओं में ज्यादा देखा जाता है। थाई फैट बढ़ने की वजह से कपड़ों की फिटिंग और फिगर दोनों पर फर्क पड़ता है जिससे आपका कॉन्फिडेंस कम होने लगता है। जांघों में चर्बी जमने के कारण? इसकी कई वजह हैं जैसे तेल-मसाले वाला और जंक फूड का अधिक सेवन, कम फिजिकल एक्टिविटी, लंबे समय तक बैठना, चीनी और मैदे वाले फूड ज्यादा खाना, कई बार यह समस्या जेनेटिक भी होती है।

    जांघों की चर्बी कैसे कम करें? थाई फैट कम करने के लिए डाइट के साथ-साथ एक्सरसाइज पर भी ध्यान देना जरूरी है। फिटनेस कोच संजय कुमार आपको कुछ आसान एक्सरसाइज बता रहे हैं जिन्हें आप घर पर करके जांघों में चर्बी कम कर सकते हैं।
     
    स्क्वैट्स

     जांघों का वजन कम करने में यह एक्सरसाइज हेल्प कर सकती है। सिर्फ स्क्वैट्स करने से ही फैट नहीं घटता। इसके साथ सही डाइट, कार्डियो और नियमित व्यायाम भी जरूरी होता है। स्क्वैट्स से जांघों की मांसपेशियां मजबूत होती हैं, खासकर क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स। इससे लोअर बॉडी टोन होती है, जिससे पैरों और हिप्स की शेप बेहतर दिखती है। जांघों की चर्बी कम करने के लिए रोजाना स्क्वैट्स के तीन सेट करें।

    लंजेस

    यह एक्सरसाइज थाई फैट को कम करने में बहुत मददगार है। यह जांघों की मांसपेशियों को मजबूत बनाती है, खासकर क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स को। इससे लोअर बॉडी टोन होती है, जिससे पैरों की शेप बेहतर दिखती है। इससे बैलेंस और कोर स्ट्रेंथ बढ़ती है, जिससे शरीर ज्यादा एक्टिव रहता है। इसके भी रोजाना तीन सेट करें।

    स्टेप-अप्स

    स्टेप-अप्स एक बेहद असरदार वर्कआउट है जो जांघों, कूल्हों और निचले शरीर की चर्बी को कम करने में मदद करता है। यह कार्डियो और स्ट्रेंथ दोनों टाइप की एक्सरसाइज है, जिससे फैट तेजी से जलता है। इससे मसल्स को खासकर क्वाड्रिसेप्स, हैमस्ट्रिंग और ग्लूट्स को मजबूती मिलती है। इसके अलावा इससे बैलेंस और स्टेबिलिटी कोर मजबूत होता है और शरीर का बैलेंस बेहतर होता है। हर पैर से 10–15 रेप्स × 3 सेट्स करें।

    बल्गेरियन स्प्लिट स्क्वाट

    इस एक्सरसाइज से थाई, हिप्स, ग्लूट्स और कोर पर काम होता है। इसे एक पैर से किया जाता है, जबकि दूसरा पैर पीछे रखकर किसी बेंच या स्टूल पर टिका होता है। एक पैर पर वर्क करने से ज्यादा कैलोरी बर्न होती है, इससे हिप्स और जांघों में लचीलापन लाता है। यह बैलेंस बनाए रखने से पेट की मांसपेशियों को मजबूत करने के लिए बढ़िया एक्सरसाइज है। इसके हर पैर से 3 सेट × 10-12 करें।

    स्क्वैट होल्ड 

    इसका मतलब है कि स्क्वैट पोजीशन में नीचे बैठकर कुछ समय तक उसी स्थिति में टिके रहना। इससे मसल्स पर जोर पड़ता है। इससे थाई की बड़ी मांसपेशियां एक्टिव होती हैं जिससे ज्यादा कैलोरी बर्न होती है। यह मसल्स को टोन करता है, खासतौर पर फ्रंट थाई, हिप्स और ग्लूट्स को। इससे थाई और हिप्स की स्ट्रेचिंग होती है। इस पोजिशन को होल्ड करें एक मिनट तक होल्ड करें।

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