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    नाग पंचमी पर करें इन मंत्रों का जाप, सांपों से नहीं होगा खतरा, मिटेगा कालसर्प दोष

    नाग पंचमी 29 जुलाई को मनाई जाएगी. नाग पंचमी के दिन नाग देवता की पूजा के समय आपको नाग मंत्रों का जाप करना चाहिए. नाग मंत्र का जाप करने से आपको सुरक्षा प्राप्त होगी, सांपों से भय नहीं होगा और कुंडली में बना कालसर्प दोष ​भी मिट जाएगा. कठिन से कठिन कार्यों में आपको सफलता प्राप्त होगी. आपके यश और कीर्ति में बढ़ोत्तरी होगी और महादेव की भी कृपा प्राप्त होगी. आइए जानते हैं नाग पंचमी के मंत्रों के बारे में.

    नाग पंचमी के मंत्र
    1. ओम नागेंद्रहाराय त्रिलोचनाय भस्मांगरागाय महेश्वराय।
    नित्याय शुद्धाय दिगंबराय तस्मै नकाराय नम: शिवाय।।
    भगवान शिव सभी जीवों के नाथ हैं, इसलिए उनको पशुपतिनाथ, भोलेनाथ, दीनानाथ जैसे कई नामों से पुकारा जाता है. भगवान शिव के गले में उनके भक्त वासुकी हैं, इसलिए कहा जाता है महादेव नाग का हार पहनते हैं. यदि आपको नाग, सर्प आदि से कोई भय है तो इस नाग पंचमी नागेंद्रहाराय मंत्र का जाप करें.

    2. कालसर्प दोष निवारण मंत्र
    ओम क्रौं नमो अस्तु सर्पेभ्यो कालसर्प शांति कुरु कुरु स्वाहा.
    ओम नमोस्तु सर्पेभ्यो ये के च पृथिवीमनु ये अन्तरिक्षे ये दिवि तेभ्यः सर्पेभ्यो नम:.

    यदि आपको कालसर्प दोष से मुक्ति चाहिए तो नाग पंचमी के दिन इन दो मंत्रों में से किसी भी एक मंत्र का जाप कर सकते हैं.
    3. नाग पूजा मंत्र
    सर्वे नागा: प्रीयन्तां मे ये केचित् पृथ्वीतले।
    ये च हेलिमरीचिस्था ये न्तरे दिवि संस्थिता:।।
    ये नदीषु महानागा ये सरस्वतिगामिन:।
    ये च वापीतडागेषु तेषु सर्वेषु वै नम:।।

    नाग पंचमी पर नाग देवता की पूजा करते समय इस मंत्र को पढ़ सकते हैं. या फिर ओम श्री भीलट देवाय नम: मंत्र का उच्चारण करके भी नाग पंचमी पूजा कर सकते हैं.

    4. नाग गायत्री मंत्र
    ओम नवकुलाय विद्महे, विषदन्ताय धीमहि तन्नो सर्प प्रचोदयात्।।

    5. नाग मंत्र
    अनन्तं वासुकिं शेषं पद्मनाभं च कम्बलम्।
    शंखपालं धार्तराष्ट्रं तक्षकं कालियं तथा।।
    एतानि नव नामानि नागानां च महात्मनाम्।
    सायंकाले पठेन्नित्यं प्रात: काले विशेषत:।।
    तस्मै विषभयं नास्ति सर्वत्र विजयी भवेत्।।
    नाग पंचमी या प्रतिदिन आप इस मंत्र का जाप कर सकते हैं. इस मंत्र का जाप करने से किसी भी प्रकार का विष भय नहीं रहता है.

    6. नाग पंचमी के राशि अनुसार नाग मंत्र
    मेष: ओम गिरी नम:
    वृषभ: ओम भूधर नम:
    मिथुन: ओम व्याल नम:
    कर्क: ओम काकोदर नम:
    सिंह: ओम सारंग नम:
    कन्या: ओम भुजंग नम:
    तुला: ओम महिधर नम:
    वृश्चिक: ओम विषधर नम:
    धनु: ओम अहि नम:
    मकर: ओम अचल नम:
    कुंभ: ओम नगपति नम:
    मीन: ओम शैल नम:
    नाग पंचमी के अवसर पर आप अपनी राशि के अनुसार प्रभावशाली नाग मंत्र का जाप कर सकते हैं. इससे भी आपको लाभ होगा.

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