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    सेवानिवृत्ति पर परशुराम भवन में हुआ सम्मान, ब्राह्मण समाज ने दी विदाई

    ब्राह्मण समाज खैरथल की ओर से  तीनों का सम्मान में किया 

    खैरथल (अलवर)।  मातोर रोड स्थित परशुराम भवन में रविवार को एक भावुक क्षणों से भरा विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस समारोह का आयोजन ब्राह्मण समाज खैरथल की ओर से उनका सम्मान  किया गया, जिन्होंने वर्षों तक शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान दिया और अब सेवानिवृत्ति प्राप्त की है। सम्मानित होने वाले वरिष्ठ शिक्षकों में जिला शिक्षा अधिकारी सीताराम शर्मा,  रामकिशोर शर्मा एवं बाबूजी’ शिवकुमार मिश्र शामिल रहे। तीनों ही व्यक्तित्वों ने अपने जीवन का बड़ा हिस्सा शिक्षा, संस्कार और समाज सेवा को समर्पित किया है।

    समारोह की शुरुआत वैदिक मंत्रोच्चार व दीप प्रज्वलन से हुई। इसके पश्चात मंच से वक्ताओं ने सेवानिवृत्त शिक्षकों के जीवन की प्रेरणादायक झलकियों को साझा किया और उनके योगदान को याद करते हुए भावुकता से ओतप्रोत शब्दों में उन्हें शुभकामनाएं दीं।

    ब्राह्मण समाज अध्यक्ष राम सिंह शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि “एक शिक्षक का जीवन सिर्फ विद्यार्थियों को पढ़ाने तक सीमित नहीं होता, बल्कि वह समाज को गढ़ने का माध्यम बनता है। आज हम जिन शिक्षकों को विदा कर रहे हैं, उन्होंने हमें न केवल पढ़ाया, बल्कि जीवन जीने की कला भी सिखाई।”

    समाजसेवी ओम प्रकाश जोशी, बृजनंदन अवस्थी, प्रेमचंद कौशिक, विष्णुदत्त शर्मा, वेद प्रकाश कौशिक, राजेश शर्मा, राजेश जोशी, जयप्रकाश जोशी, गणेश शर्मा, राधेश्याम शर्मा, सुनील शर्मा, संदीप मिश्रा, संजय शर्मा सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने अपने उद्गार व्यक्त किए और सभी सेवानिवृत्त शिक्षकों को सम्मानित किया।

    कार्यक्रम में युवा ब्राह्मण समाज अध्यक्ष आकाश त्रिवेदी एवं सक्रिय युवा सदस्य अंकित लाटा की सक्रिय भूमिका रही। युवा वर्ग ने शिक्षकों के योगदान को नई पीढ़ी तक पहुँचाने की प्रतिबद्धता जताई और उन्हें अपना आदर्श बताया।

    समारोह में सर्व समाज के लोग भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि सम्मानित शिक्षक सिर्फ एक समाज के नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आदरणीय और लोकप्रिय व्यक्तित्व थे। इस अवसर पर उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में कहा कि “ऐसे शिक्षक यदा-कदा ही मिलते हैं, जो शिक्षा को साधना और समाज सेवा को धर्म मानते हैं।”

    अंत में शिक्षकों को पुष्पहार पहनाकर, शॉल ओढ़ाकर, स्मृति चिन्ह भेंट किए गए और मंगलकामनाओं के साथ सम्मानित किया गया। उन्होंने भी अपने जीवन अनुभव साझा किए और समाज व विद्यार्थियों से जुड़े कुछ प्रेरक संस्मरण सुनाकर भावुक कर दिया।

    कार्यक्रम का संचालन सौम्य शैली में किया गया और आयोजन समिति की ओर से सभी आगंतुकों के लिए जलपान की भी व्यवस्था की गई थी।

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