प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा सदन में हिडन कैमरे लगाना बेहद गंभीर, सरकार की मंशा पर खड़े करता है सवाल
मिशनसच न्यूज, जयपुर। राजस्थान विधानसभा में प्रतिपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने सदन में हिडन कैमरे लगाकर कांग्रेस विधायकों की जासूसी किए जाने का आरोप लगाते हुए इसे विधायकों की निजता और विशेषाधिकार का हनन बताया है। उन्होंने कहा कि यह मामला बेहद गंभीर है और सरकार की मंशा पर सवाल खड़े करता है।
जूली ने कहा कि सदन में पहले से ही 9 कैमरे लगे हुए हैं, बावजूद इसके 2 नए कैमरे क्यों लगाए गए? जब कार्यवाही पहले से यूट्यूब पर उपलब्ध है तो इन अतिरिक्त कैमरों की रिकॉर्डिंग कौन देख रहा है और इसका एक्सेस किसके पास है? उन्होंने आरोप लगाया कि सदन स्थगित होने के बाद भी ये कैमरे चालू रहते हैं और विपक्षी विधायकों की बातचीत व आवाज रिकॉर्ड करते हैं, जो कि संविधान के अनुच्छेद-21 के तहत निजता के अधिकार का उल्लंघन है।
उन्होंने कहा कि सरकार के जिम्मेदार लोग सदन के बारे में असंवेदनशील भाषा का प्रयोग कर रहे हैं, जिससे उनकी सोच का स्तर उजागर होता है। जूली ने आसन से मांग की कि इन कैमरों की स्थापना से जुड़ी पूरी जानकारी सार्वजनिक की जाए और इसकी जांच हो।
राज्यपाल को सौंपेंगे ज्ञापन
जूली ने बताया कि कांग्रेस विधायक कल राज्यपाल से मुलाकात करेंगे और उन्हें पूरे घटनाक्रम की जानकारी देंगे। साथ ही विधानसभा की गरिमा और लोकतंत्र की रक्षा के लिए ज्ञापन सौंपकर संवैधानिक कार्रवाई की मांग करेंगे।
किसानों को लेकर भी साधा निशाना
टीकाराम जूली ने सदन के नेता व मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर भी कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री ने विधानसभा के पवित्र सदन का राजनीतिक मंच की तरह इस्तेमाल किया और लंबा भाषण दिया, लेकिन प्रदेश में अतिवृष्टि से बर्बाद हुए किसानों की पीड़ा और राहत पैकेज की घोषणा पर चुप्पी साधे रहे। इससे किसानों की उम्मीदों पर पानी फिर गया है।


