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    सिंधिया-शिवराज पर वादाखिलाफी का आरोप, गेस्ट टीचर्स और स्वास्थ्यकर्मी नियमितीकरण की मांग को लेकर सड़कों पर

    भोपालः मध्यप्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य विभाग के कर्मचारियों की माली हालत की आवाज राजधानी भोपाल में गूंजी। एक ओर स्वास्थ्य विभाग के आउटसोर्स कर्मचारियों ने वेतन न मिलने का दुखड़ा सुनाया। वहीं, अतिथि शिक्षकों ने दिग्गज नेताओं पर छलने का आरोप लगाया।

    दरअसल, प्रदेश भर के आए हजारों अतिथि शिक्षकों ने भोपाल के तुलसी नगर स्थित आंबेडकर मैदान में जुटे। उन्होंने नियमितीकरण, अवकाश सहित अलग-अलग मांगों को लेकर प्रदर्शन किया। अतिथि शिक्षकों ने केंद्रीय मंत्री के खिलाफ नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि एक बार केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया बोले कि अतिथि शिक्षकों के लिए सड़कों पर उतरेंगे। लेकिन अब वे राजगद्दी पर बैठ गए हैं। अतिथि शिक्षकों ने पूर्व सीएम शिवराज सिंह चौहान पर भी ठगने के आरोप लगाए। आपको बता दें कि उक्त दोनों नेता वर्तमान में केंद्रीय मंत्री हैं।

    अतिथि शिक्षकों की रेगुलर करने की मांग
    अतिथि शिक्षकों का कहना है कि जिस प्रकार पूर्व में 'गुरुजी' शिक्षकों को नियमित किया गया था। उसी तर्ज पर अतिथि शिक्षकों के लिए भी एक स्पष्ट नीति बनाकर उन्हें स्थायीत्व प्रदान किया जाए। एक महिला अतिथि शिक्षकों ने कहा है कि सरकार लाड़ली बहनों को फ्री में करोड़ों रुपए बांट रही है। लेकिन हम अतिथि शिक्षक मेहनत करते हैं और मेहनत के बदले सुविधा मांग रहे हैं तो नहीं दी जा रही है।

    स्वास्थ्य कर्मी भी आंदोलनरत
    मध्यप्रदेश संविदा आउटसोर्स स्वास्थ्य कर्मचारी संघ ने 5 नंबर बस स्टॉप स्थित पार्क में प्रदर्शन किया। उन्होंने अपने खून से प्रधानमंत्री के नाम पत्र लिखा। लेटर में उन्होंने मांग की है कि प्रदेश सरकार ने अब तक आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए कोई ठोस नीति तय नहीं की है। इससे यह वर्ग शोषण का शिकार हो रहा है। आउटसोर्स स्वास्थ्यकर्मियों को न तो समय पर वेतन मिल रहा है। साथ ही श्रम विभाग द्वारा तय न्यूनतम वेतन दरों के अनुसार भुगतान भी नहीं किया जा रहा है। श्योपुर जिले में 11 माह से वेतन अटका है। वहीं, अन्य कई जिलों में भी हालात गंभीर हैं। उन्होंने कहा कि ये कर्मचारी 10 से 12 घंटे तक सेवाएं देते हैं। कोविड काल से लेकर आज तक स्वास्थ्य सेवाओं की रीढ़ बने हुए हैं। लेकिन सुविधाएं नहीं मिल रही है।

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