अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के निवासियों ने नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक टीकाराम जूली से मुलाकात कर सरिस्का से पांडुपोल तक प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए बनाए जा रहे चार्जिंग प्वाइंट का विरोध जताया
मिशन सच न्यूज़, अलवर।
अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के कई गांवों के निवासियों ने नेता प्रतिपक्ष एवं विधायक टीकाराम जूली से मुलाकात कर सरिस्का से पांडुपोल तक प्रस्तावित इलेक्ट्रिक बस सेवा के लिए बनाए जा रहे चार्जिंग प्वाइंट का विरोध जताया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि चार्जिंग प्वाइंट उनके गांव की जमीन पर बनाया गया तो उन्हें बेघर होना पड़ेगा और इससे धार्मिक आस्था एवं स्थानीय व्यवस्था पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ेगा।
ग्रामीणों का विरोध
मालाखेड़ा क्षेत्र के रेवेन्यू ग्राम इंदोक और छोटी इंदोक के निवासियों ने नेता प्रतिपक्ष को प्रार्थना पत्र सौंपा। ग्रामीणों ने बताया कि वे वर्षों से इन क्षेत्रों में रह रहे हैं और अधिकांश परिवार अनुसूचित जाति एवं जनजाति समुदाय से संबंधित हैं। ऐसे में चार्जिंग प्वाइंट के नाम पर उनकी जमीन या घर उजाड़ना न्यायसंगत नहीं होगा।
ग्रामीणों ने यह भी कहा कि पांडुपोल हनुमान मंदिर की ओर जाने वाली बसों का चार्जिंग प्वाइंट सरिस्का कैंपस में ही बनाया जाए। उनका कहना है कि सरिस्का कैंपस इस सुविधा के लिए सबसे उपयुक्त स्थान है क्योंकि यहां पर्याप्त जगह और व्यवस्थाएं पहले से उपलब्ध हैं।
धार्मिक आस्था और भीड़ का तर्क
गांववासियों ने जूली को बताया कि इंदोक गांव की जमीन को बार-बार सिवायचक भूमि के रूप में प्रस्तावित किया जा रहा है, जबकि यहां सैकड़ों वर्षों से आबादी बसी हुई है।
यही नहीं, इसी क्षेत्र में हर साल भर्तृहरि महाराज का विशाल लक्की मेला आयोजित होता है, जिसमें लाखों श्रद्धालुओं का आगमन होता है। मेले के दौरान सभी वाहनों को पहले ही कुशालगढ़ और थैंक्यू बोर्ड थानागाजी पर रोक दिया जाता है। ऐसे में यदि चार्जिंग प्वाइंट इंदोक में बनाया जाता है तो मेले के दिनों में भीड़ और अव्यवस्था और अधिक बढ़ जाएगी।
सुरक्षा पर सवाल
ग्रामीणों का कहना है कि आमजन की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए चार्जिंग प्वाइंट को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर सरिस्का कैंपस में ही स्थापित किया जाए। इससे न केवल श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी, बल्कि आम नागरिकों को भी असुविधा नहीं होगी।
जूली का आश्वासन
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने ग्रामीणों की बात ध्यान से सुनी और कहा कि वह इस मुद्दे को गंभीरता से उठाएंगे। जूली ने ग्रामीणों को भरोसा दिलाया कि उनकी समस्या को उचित मंच पर रखा जाएगा और प्रशासन को अवगत कराकर न्यायसंगत समाधान की कोशिश की जाएगी।


