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    ‘केंचुए के घर से करोड़ों निकले, तो अजगर के यहां कितने?’, उमा भारती का किस पर निशाना

    भोपाल: पूर्व केन्द्रीय मंत्री उमा भारती लंबे विराम के बाद फिर फॉर्म में लौट रही हैं. शराबबंदी को लेकर पिछली बार सुर्खियों में आईं उमा ने इस बार भ्रष्टाचार पर हमला बोला है. भोपाल में 'गौ-संवर्धन संकल्प सभा' में उमा भारती ने कहा कि "राजनीति से पैसा कमाने वाले उसे नर्क बनाते थे, राजनीति में सेवा से मोक्ष प्राप्ति होती है. मैंने चुनाव टाले हैं, राजनीति नहीं." उन्होंने कहा कि "क्लर्क के घर से करोड़ों निकल रहे हैं. छोटे-छोटे कर्मचारियों के घर से करोड़ों निकल रहे हैं. अगर केंचुए के घर में इतना है, तो अजगर के घर में कितना होगा."

    उमा भारती ने बिना नाम लिए किसपर साधा निशाना

    उमा भारती ने भ्रष्टाचार के मुद्दे को उठाया और कहा कि "सरकार के प्रमुख काम कानून व्यवस्था, भ्रष्टाचार मुक्त शासन-प्रशासन, सड़क, बिजली, पानी, शिक्षा, स्वास्थ्य है. शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में मध्य प्रदेश में अभी और काम होना है." उन्होंने कहा कि "क्लर्कों के घर में करोड़ों रुपए निकल रहे हैं. आप अंदाजा लगाइए कि अगर केंचुए के घर से इतना पैसा निकल रहा है, तो अजगर के घर में कितना होगा."

    उमा ने पीएम नरेंद्र मोदी का उदाहरण देते हुए कहा "उनकी सरकार आने के बाद अधिकारियों और नेताओं पर लगाम कसी है. मोदी जी जैसा प्रधानमंत्री है तो मंत्रिमंडल के लोग ज्यादा खर्च भी नहीं कर सकते. एक मंत्री जिन्होंने विवाह में ज्यादा खर्च किया तो उनको टोका गया. एक अन्य मंत्री जो अपनी पत्नी को लेकर विदेश यात्रा पर गए, उनसे भी कहा गया कि भले आप अपने खर्च पर लेकर गए हों, लेकिन ये आप नेता की तरह आदर्श उदाहरण प्रस्तुत नहीं कर रहे हैं. ये संपत्ति का वल्गर प्रदर्शन है. नेता वो है जो नेतृत्व का आदर्श उदाहरण प्रस्तुत करे."

    'मैंने तो खुले शेर की तरह काम किए'

    उमा भारती ने इस कार्यक्रम में अपने मन की भी बात कही. उन्होंने कहा, "मैं राजनीति, सत्ता का अनादर नहीं करती. मंत्री तो पिंजरे का शेर बन जाता है. मैंने तो खुले शेर की तरह काम किया. न अपनी मर्जी से गई और न आई. मैंने एनडीए में आने की बात कही थी. अशोक सिंघल के कहने से बीजेपी में आई."

    उमा ने उस वाकये का भी जिक्र किया कि किस तरह से राजनाथ सिंह ने फोन कर चुनाव लड़ने के लिए कहा था. उन्होंने कहा, "मंत्री बनने पर मैंने गंगा का काम किया. फिर मैंने चुनाव लड़ने से इंकार कर दिया. 2019 में मैंने खुलकर चुनाव प्रचार किया. छुटभैये नेता मेरे साथ खड़े होने से डरते हैं. ऐसे नेता सिर्फ फोटो और सेल्फी लेते हैं."

    'मैंने मध्य प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी'

    पूर्व केंद्रीय मंत्री उमा ने कहा कि "मैंने मध्य प्रदेश में शराबबंदी की लड़ाई लड़ी. इसके बाद शराब नीति बनी और प्रदेश से अहाते खत्म हो गए. नई दुकान नहीं खुलीं. प्रदेश में शराब की दुकान खत्म हो इसके लिए समाज को भी आगे आना चाहिए. तमिलनाडु, उत्तराखंड में शिक्षा और स्वास्थ्य की अच्छी सुविधा है, लेकिन इन राज्यों के मुकाबले मध्य प्रदेश में शिक्षा और स्वास्थ्य की व्यवस्था उतनी अच्छी नहीं है."

     

     

      'लाड़ली बहनों को पैसों के साथ मिले एक-एक गाय'

      उमा भारती ने इस मौके पर गौ-संवर्धन संकल्प सभा में 11 प्रस्ताव भी पास किए. उन्होंने कहा कि "लाड़ली बहनों को जो धनराशि दी जा रही है उसके साथ ये प्रयास भी होना चाहिए कि उन्हें एक-एक गाय भी दी जाए, जिससे लाड़ली बहनें आर्थिक रूप से सशक्त हो सके."

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