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    श्री श्वार्जनिक गौशाला अलवर में 9 नवम्बर को विशाल अन्नकूट महोत्सव का आयोजन

    श्री श्वार्जनिक गौशाला स्टेशन रोड अलवर में 9 नवम्बर 2025 को विशाल अन्नकूट महोत्सव का आयोजन होगा। ठाकुर जी और गौ माता को भोग लगाकर प्रारंभ होने वाला यह धार्मिक आयोजन भक्तों के सहयोग से प्रभु इच्छा तक चलेगा।

    अलवर, 1 नवम्बर।
    गौसेवा और भक्ति की परंपरा को आगे बढ़ाते हुए श्री श्वार्जनिक गौशाला, स्टेशन रोड, अलवर में इस वर्ष भी विशाल अन्नकूट महोत्सव का भव्य आयोजन किया जा रहा है। यह आयोजन 9 नवम्बर 2025 (रविवार) को सुबह 10:15 बजे ठाकुर जी और गौ माता को भोग लगाकर प्रारंभ होगा।

    गौशाला के प्रमुख गौसेवक अजय अग्रवाल ने जानकारी दी कि यह अन्नकूट महोत्सव हर वर्ष की तरह इस बार भी भक्तों और समाजसेवियों के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है। आयोजन के दौरान ठाकुर जी को विविध प्रकार के व्यंजन, मिठाइयाँ और प्रसादी अर्पित की जाएगी। इसके पश्चात उपस्थित श्रद्धालुओं को गौशाला परिसर में बैठकर ही भोजन प्रसादी ग्रहण करने का अवसर मिलेगा।

    उन्होंने बताया कि यह आयोजन “प्रभु इच्छा तक” चलेगा, यानी कार्यक्रम की अवधि पूर्व निर्धारित नहीं है। यह एक धार्मिक और सामूहिक उत्सव है जो श्रद्धा, सेवा और समर्पण की भावना के साथ मनाया जाएगा।

    अन्नकूट प्रसादी का विशेष महत्व

    अन्नकूट पर्व का हिंदू धर्म में विशेष महत्व है। यह गोवर्धन पूजा और दीपावली के बाद मनाया जाने वाला पर्व है जिसमें भगवान श्रीकृष्ण को 56 भोग अर्पित किए जाते हैं। गौ माता को भी इस दिन विशेष रूप से पूजा जाता है।
    अलवर स्थित श्री श्वार्जनिक गौशाला में इस पर्व का आयोजन कई वर्षों से निरंतर होता आ रहा है, जहाँ भक्तजन बड़ी संख्या में एकत्र होकर गौ माता की आराधना करते हैं और सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण करते हैं।

    भक्तों से अनुरोध

    आयोजन समिति ने सभी गौभक्तों से अनुरोध किया है कि वे सपरिवार गौशाला परिसर में पधारकर प्रसादी ग्रहण करें। किसी भी प्रकार की पैकिंग या टिफिन व्यवस्था उपलब्ध नहीं होगी। प्रसादी केवल गौशाला परिसर में बैठकर ही ग्रहण की जा सकेगी।

    आयोजन में भक्ति संगीत, भजन-संकीर्तन और गौ सेवा से जुड़ी प्रेरक प्रस्तुतियाँ भी होंगी। गौशाला परिसर को इस अवसर पर भव्य रूप से सजाया जाएगा।

    गौसेवक अजय अग्रवाल ने बताया कि यह आयोजन सिर्फ धार्मिक अनुष्ठान नहीं बल्कि समाज में एकता, सद्भाव और गौसेवा की प्रेरणा देने वाला पर्व है। उन्होंने कहा कि “गौ माता हमारी संस्कृति और आस्था की प्रतीक हैं। उनके चरणों में सेवा करना, हर भक्त के लिए सौभाग्य की बात है।”

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