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    असम को लेकर ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ का सपना देख रही यूनुस सरकार, तुर्की-पाकिस्तानी के समर्थन की दरकरार

    पूर्वी पड़ोसी देश बांग्लादेश (Bangladesh) अब नया ख्याली पुलाव पका रहा है। वहां मोहम्मद यूनुस (Muhammad Yunus) की अगुलाई वाली अंतरिम सरकार भारत के पूर्वोत्तर राज्यों खासकर असम को अपने भूभाग में रणनीतिक तौर पर शामिल कर ‘ग्रेटर बांग्लादेश’ (Greater Bangladesh) के सपने देख रही है। उनके इस मंसूबे और प्लान का खुलासा पाकिस्तानी और तुर्की प्रतिनिधिमंडल को भेंट की गई एक कलाकृति से हुआ है। दरअसल, मोहम्मद यूनुस ने पिछले दिनों ढाका के दौरे पर आए तुर्की के एक संसदीय प्रतिनिधिमंडल को आर्ट ऑफ ट्रायम्फ” भेंट की है।

    तुर्की के प्रतिनिधिमंडल से पहले यही कलाकृति कुछ दिनों पहले उन्होंने एक पाकिस्तानी कमांडर को भी भेंट की थी। इस कलाकृति में एक “ग्रेटर बांग्लादेश” योजना की रूपरेखा पेश की गई है, जिसमें भारत के पूर्वोत्तर राज्यों, खासकर असम को भविष्य में रणनीतिक तौर पर बांग्लादेश में शामिल करना शामिल है। खुफिया सूत्रों ने बांग्लादेश की इस हरकत को एक प्रतीकात्मक इशारे से कहीं व्यापक अर्थों में लिया है और इसके पीछे छिपे बांग्लादेशी हुक्मरानों के मंसूबों को डिकोड किया है।

    ढाका के प्रभाव में असम को लाना मकसद
    सूत्रों के हवाले से दावा किया गया है कि बांग्लादेश के इस दस्तावेज में युद्ध योजनाएं और विजय के बाद के प्रबंधन ढाँचे शामिल किए गए हैं। रिपोर्ट में कहा गया है कि बांग्लादेश का उद्देश्य कथित तौर पर ढाका के प्रभाव में असम को लाना है। सूत्र इसे अचानक उकसावे की रणनीति के बजाय एक जानबूझकर दिया गया वैचारिक संकेत बता रहे हैं। सूत्रों का कहना है, “यह कोई कला प्रदर्शन नहीं था, बल्कि इस्लामिक देशों को एक संदेश था, जो बांग्लादेश की अंतरिम सरकार को एक व्यापक रणनीतिक सुदृढ़ीकरण के हिस्से के रूप में देखते हैं।”

    दक्षिण-पूर्वी एशिया में तुर्की सक्रिय
    इस कलाकृति के जरिए संदेश देने का समय महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सूत्रों का कहना है कि यह दक्षिण और दक्षिण-पूर्व एशिया में तुर्की की अखिल-इस्लामी पहुँच के अनुरूप है। यह एक ऐसा अभियान है, जिसके जरिए तुर्की सैन्य सहयोग, ड्रोन तकनीक हस्तांतरण और वैचारिक साझेदारी के जरिए दक्षिण-पूर्व एशिया में अपना प्रभाव बढ़ाना चाह रहा है। 2024 की शुरुआत से ही तुर्की ढाका के साथ संबंध मजबूत कर रहा है। तुर्की ने ढाका को प्रशिक्षण कार्यक्रम, रक्षा उद्योग सहयोग और तकनीकी निवेश की पेशकश भी की है।

    ग्रेटर बांग्लादेश यूनुस सरकार की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा
    ढाका की अंतरिम सरकार के लिए, तुर्की के साथ घनिष्ठ संबंध घरेलू अनिश्चितता के समय में अंतर्राष्ट्रीय वैधता और नए रक्षा संबंध दोनों मुहैया करता है। हालाँकि, “ग्रेटर बांग्लादेश” ढाका की अंतरिम सरकार की क्षेत्रीय महत्वाकांक्षा का पहला बड़ा और स्पष्ट संकेत है। खुफिया सूत्रों का मानना ​​है कि यह क्षेत्रीय प्रतिक्रियाओं को परखने और देश-विदेश में इस्लामी समूहों के बीच वैचारिक समर्थन को मज़बूत करने की एक संभावित कोशिश है। रिपोर्ट में कहा गया है कि कथित तौर पर भारत का सुरक्षा प्रतिष्ठान इस घटनाक्रम पर कड़ी नजर रख रहा है।

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