अलवर में सिंधी समाज ने भगवान झूलेलाल पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के विरोध में भवानी तोप से मिनी सचिवालय तक निकाली आक्रोश रैली।
मिशनसच न्यूज अलवर।
छत्तीसगढ़ क्रांति सेना के प्रमुख अमित बघेल द्वारा सिंधी समाज के आराध्य देवता भगवान झूलेलाल के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी किए जाने के विरोध में शुक्रवार को अलवर शहर के सिंधी समाज ने एकजुट होकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया।
समाज की विभिन्न संस्थाओं और संगठनों ने भवानी तोप से मिनी सचिवालय तक आक्रोश रैली निकालकर बघेल के खिलाफ़ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की।
भगवान झूलेलाल के प्रति टिप्पणी से मचा देशभर में रोष
सिंधी समाज के आराध्य देवता भगवान झूलेलाल के खिलाफ हुई कथित टिप्पणी ने न केवल अलवर, बल्कि देशभर के सिंधी समाज में गहरा आक्रोश पैदा कर दिया है।
देश के विभिन्न शहरों में सिंधी समाज द्वारा विरोध प्रदर्शन किए जा रहे हैं।
अलवर में हुए इस प्रदर्शन में पूज्य सिंधी पंचायत, सिंधी जागृति संगठन, सिंधी विकास समिति, सिंधी समाज सेवा समिति, भारतीय सिंधु सभा, सिंधी सखी क्लब, नवयुवक मंडल, और अन्य सामाजिक संगठनों ने सक्रिय रूप से भाग लिया।
भवानी तोप से मिनी सचिवालय तक निकली आक्रोश रैली
प्रदर्शनकारियों ने भवानी तोप से मिनी सचिवालय तक नारेबाजी करते हुए शांतिपूर्ण रैली निकाली।
रैली के दौरान लोगों ने भगवान झूलेलाल के जयकारे लगाए और बघेल की टिप्पणी की कड़ी आलोचना की।
मिनी सचिवालय पहुंचकर सिंधी समाज के प्रतिनिधियों ने जिला कलक्टर को ज्ञापन सौंपा, जिसमें तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
समाज के प्रमुख पदाधिकारियों ने जताया कड़ा विरोध
विरोध प्रदर्शन में पूज्य सिंधी पंचायत के अध्यक्ष गोविंद मंगलानी,
सिंधी जागृति संगठन अध्यक्ष नरेश तख्तानी,
सिंधी विकास समिति अध्यक्ष रमेश चोएथानी,
सिंधी समाज सेवा समिति से खेमचंद चांदवानी,
पूज्य सिंधी पंचायत एनईबी अध्यक्ष बृजेश कुमार सुखवानी,
सिंधी सखी क्लब की एकता कुकरेजा और बरखा दांतवानी,
भारतीय सिंधु सभा जिला अध्यक्ष तेजुमल रामचंदानी,
शहर अध्यक्ष रमेश मंगतानी,
नवयुवक मंडल अध्यक्ष अशोक बोदवानी,
भाजपा मंडल अध्यक्ष महेश निहलानी सहित कई अन्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
इन सभी ने एक स्वर में कहा कि “सिंधी समाज भारतीय है और भारतीय संविधान ने हमें सम्मानपूर्वक नागरिक के रूप में जीने का अधिकार दिया है। हम किसी भी धर्म, देवता या समाज के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं करेंगे।”
“हम गर्व से भारतीय हैं” — सिंधी समाज का संदेश
नेताओं ने कहा कि सिंधी समाज का भारत के उद्योग, व्यापार और रोजगार सृजन में उल्लेखनीय योगदान रहा है।
उन्होंने कहा, “सिंधी समाज ने अखंड भारत के विभाजन के समय अपनी संस्कृति, धर्म और परंपराओं की रक्षा के लिए सिंध प्रांत से भारत आकर बसने का निर्णय लिया था। हम सभी गर्व से भारतीय हैं और अपने इष्टदेव भगवान झूलेलाल की मान्यता हमारे जीवन का अभिन्न हिस्सा है।”
उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसे बयानों पर त्वरित कार्रवाई नहीं की गई, तो देशभर में आंदोलन और तेज़ किया जाएगा।
प्रशासन से सख्त कार्रवाई की मांग
सिंधी समाज ने प्रशासन से आग्रह किया कि इस प्रकरण की गंभीरता को ध्यान में रखते हुए अमित बघेल के खिलाफ़ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में इस प्रकार की धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने वाली घटनाएं न हों।
उन्होंने कहा कि यह विरोध शांतिपूर्ण और कानून के दायरे में रहकर किया जा रहा है, लेकिन सिंधी समाज अपने धार्मिक सम्मान से किसी प्रकार का समझौता नहीं करेगा।
बड़ी संख्या में समाजजन हुए शामिल
आक्रोश रैली में अलवर शहर के बुजुर्ग, महिलाएं, पुरुष और युवा वर्ग बड़ी संख्या में शामिल हुआ।
रैली में शामिल हर व्यक्ति ने अपने हाथों में “भगवान झूलेलाल अमर रहें”, “धर्म का अपमान बंद करो”, और “सिंधी समाज एकता जिंदाबाद” जैसे बैनर और पोस्टर लिए हुए थे।
कार्यक्रम का समापन शांतिपूर्ण तरीके से हुआ, जहां समाज के प्रतिनिधियों ने शांति, एकता और धर्म-सम्मान के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।


